मानसी हादसे के बाद एक्शन में प्रशासन: सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में NHAI को नए सिरे से ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित करने का निर्देश

खगड़िया के मानसी में हुए भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत के बाद जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं. मंगलवार शाम समाहरणालय सभागार में आयोजित संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण (NHAI) को जिले के सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की नए सिरे से पहचान करने का कड़ा निर्देश दिया गया है.

By Divyanshu Prashant | May 20, 2026 11:19 AM

खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट:

भीषण हादसे के अगले ही दिन बुलाई गई आपातकालीन समीक्षा बैठक

गौरतलब है कि बीते सोमवार की दोपहर मानसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे 31 (NH 31) पर एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा हुआ था. इस दुर्घटना में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 5 अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार की शाम समाहरणालय के सभागार में संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की एक विशेष बैठक बुलाई गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा, जिलाधिकारी (DM) नवीन कुमार, डीडीसी श्वेता भारती, पुलिस अधीक्षक (SP) राकेश कुमार, सदर विधायक बबलू कुमार मंडल, परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य और अलौली विधायक रामचंद्र सदा मुख्य रूप से मौजूद रहे. इनके अलावा पथ निर्माण विभाग, एनएचएआई (NHAI) और ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया.

फोरलेन से टू-लेन बदलने वाली जगहों पर लगेंगे बड़े साइनेज बोर्ड

बैठक के दौरान जिले की यातायात व्यवस्था और राष्ट्रीय उच्च पथों (NH) की कमियों पर विस्तृत समीक्षा की गई. विशेष रूप से उन जगहों पर ध्यान केंद्रित किया गया जहां फोर-लेन सड़क अचानक टू-लेन में परिवर्तित हो जाती है, क्योंकि ऐसी जगहों पर गाड़ियों की रफ्तार अनियंत्रित होने से हादसों का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. समिति ने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन संदेहास्पद और खतरनाक मोड़ों पर बड़े एवं बेहद स्पष्ट साइनेज (चेतावनी बोर्ड) लगाए जाएं. इसके साथ ही तीखे मोड़ों पर रेडियम संकेतक स्थापित करने और वाहनों की गति सीमा को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ट्रैकिंग कैमरों की आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.

ओवरलोडिंग पर कड़ाई और स्कूलों वाहनों की होगी नियमित जांच

सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के लिए बैठक में कई कड़े सुरक्षात्मक कदम उठाने पर बल दिया गया:

  • हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर ओवरलोडिंग करने वाले व्यावसायिक वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी.
  • दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से लागू कराया जाएगा.
  • स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर जिले के सभी निजी और सरकारी विद्यालय वाहनों (बसों/ऑटो) की फिटनेस और परमिट की नियमित जांच की जाएगी.
  • परिवहन विभाग को निर्देश दिया गया कि वे आम लोगों और युवाओं को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाएं.

दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में लगेंगे स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइट

सांसद और जिलाधिकारी ने संयुक्त रूप से अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाईवे के जिन हिस्सों पर पूर्व में दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, वहां तुरंत स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और रात के समय विजिबिलिटी (दृश्यता) को बेहतर करने के लिए पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं. जनप्रतिनिधियों ने साफ लहजे में कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की तकनीकी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में होने वाले हादसों को रोकने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर तुरंत धरातल पर काम शुरू करें.