खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट
Khagaria News: क्या सिर्फ कानून बन जाने से भ्रष्टाचार खत्म हो सकता है? शायद नहीं. इसके लिए लोगों की सोच और व्यवस्था दोनों में बदलाव जरूरी है. इसी उद्देश्य के साथ खगड़िया में एक सप्ताह तक ऐसा अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सरकारी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि छात्र, शिक्षक और आम नागरिक भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी भूमिका तय करेंगे.
भ्रष्टाचार के खिलाफ जिलेभर में चलेगा जागरूकता अभियान
खगड़िया जिले में 2 से 8 जुलाई 2026 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी की संस्कृति को मजबूत करना है.
सप्ताहभर चलने वाले इस अभियान के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और पंचायत स्तर पर कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने किया राज्यस्तरीय शुभारंभ
इस अभियान की शुरुआत 2 जुलाई को पटना के ज्ञान भवन से मुख्यमंत्री द्वारा राज्यस्तरीय कार्यक्रम के साथ की गई.
इसके बाद 3 जुलाई को खगड़िया जिला समाहरणालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा तथा भ्रष्टाचार मुक्त कार्य संस्कृति की शपथ दिलाई गई.
पंचायत से लेकर थाना तक दिलाई जाएगी शपथ
4 जुलाई को जिले के सभी प्रखंड, अंचल, थाना और पंचायत कार्यालयों में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
इस दौरान सरकारी कर्मियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और भ्रष्टाचारमुक्त कार्य संस्कृति अपनाने का संकल्प दिलाया जाएगा.
बच्चों को भी बनाया जाएगा अभियान का हिस्सा
सतर्कता जागरूकता सप्ताह केवल सरकारी कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा.
5 जुलाई को जिला समाहरणालय के मुख्य सभाकक्ष में सतर्कता विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित होगा.
6 जुलाई को स्कूली बच्चों और कलाकारों के लिए स्लोगन लेखन एवं पेंटिंग प्रतियोगिता होगी, जबकि 7 जुलाई को विद्यार्थियों के बीच सतर्कता विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी.
8 जुलाई को पूरे सप्ताह चले कार्यक्रम का औपचारिक समापन होगा.
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आम नागरिकों से भी की गई अपील
जिला प्रशासन ने कहा है कि अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी कर्मचारियों को जागरूक करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ जिम्मेदार बनाना है.
लोगों को रिश्वत नहीं लेने और नहीं देने, ईमानदारी के साथ जीवन जीने तथा भ्रष्टाचार की जानकारी संबंधित जांच एजेंसियों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
पारदर्शी व्यवस्था बनाने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ केवल कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती. इसके लिए समाज में जागरूकता और नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करना जरूरी है.
ऐसे कार्यक्रम सरकारी तंत्र और आम लोगों के बीच विश्वास बढ़ाने तथा जवाबदेही की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सप्ताहभर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं.
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