खगड़िया में शराब तस्करी के दो दोषियों को 5-5 साल की सजा, एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया

Khagaria Liquor Case: खगड़िया में शराब तस्करी के मामले में न्यायालय ने दो दोषियों को 5-5 वर्ष के साधारण कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. यह फैसला बेलदौर थाना कांड संख्या 207/2017 में सुनाया गया.

By Shruti Kumari | July 4, 2026 12:56 PM

खगड़िया से अमित कुमार की रिपोर्ट

Khagaria Liquor Case: शराब तस्करी के एक मामले में खगड़िया न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के साधारण कारावास तथा एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. पुलिस की प्रभावी जांच, साक्ष्य संकलन और समय पर चार्जशीट दाखिल किए जाने के आधार पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया.

पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अनन्य विशेष न्यायाधीश (उत्पाद)-II, खगड़िया प्रभाकर झा की अदालत ने बेलदौर थाना कांड संख्या-207/2017 में यह निर्णय दिया.

इन अभियुक्तों को मिली सजा

न्यायालय ने निम्नलिखित अभियुक्तों को दोषी करार दिया.

  1. राजीव कुमार सिंह, पिता- सुरेश सिंह, निवासी- सोनबरसा, थाना चौथम.
  2. विक्की कुमार सिंह, पिता- गजाधर सिंह, निवासी- पनसलवा, थाना बेलदौर.

उत्पाद अधिनियम के तहत सुनाई गई सजा

दोनों दोषियों को बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा 30(ए) के तहत 5-5 वर्ष के साधारण कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोनों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.

मजबूत साक्ष्यों से मिली सफलता

पुलिस के अनुसार मामले में प्रभावी अनुसंधान, साक्ष्यों का वैज्ञानिक संकलन, गवाहों की न्यायालय में समय पर उपस्थिति तथा मजबूत चार्जशीट के कारण अभियुक्तों को सजा दिलाने में सफलता मिली.

विशेष लोक अभियोजक की रही अहम भूमिका

पुलिस ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजीव कुमार ने प्रभावी पैरवी की, जिससे मामले में दोष सिद्ध करने में सफलता मिली. पुलिस ने इसे शराब तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.

प्रमुख बातें

  1. बेलदौर थाना कांड संख्या-207/2017 में न्यायालय का फैसला.
  2. शराब तस्करी मामले में दो अभियुक्तों को 5-5 वर्ष की सजा.
  3. दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.
  4. जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
  5. पुलिस ने प्रभावी जांच और मजबूत चार्जशीट को सफलता का आधार बताया.

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