मानदेय न मिलने से फूटा गुस्सा: आशा ने पल्स पोलियो अभियान का किया बहिष्कार, पांचवें दिन भी हड़ताल जारी
ASHA Workers Strike: खगड़िया के गोगरी में बकाया मानदेय भुगतान की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन तेज हो गया है. अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठीं आशा कार्यकर्ताओं ने रविवार से शुरू हुए पल्स पोलियो अभियान का भी बहिष्कार कर दिया, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया.
खगड़िया (गोगरी) से रणवीर झा की रिपोर्ट
ASHA Workers Strike: खगड़िया जिले के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में रविवार को बकाया मानदेय और पारिश्रमिक भुगतान की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटरों का धरना-प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (महासंघ गोप गुट/एक्टू) के आह्वान पर चल रहे इस आंदोलन के कारण रविवार से शुरू हुए राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत भी प्रभावित हो गई. आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनका लंबित मानदेय नहीं मिलता, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा.
पल्स पोलियो अभियान का किया बहिष्कार
ASHA Workers Strike: रविवार 28 जून से शुरू हुए पल्स पोलियो अभियान में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लेने से इनकार कर दिया. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि वे सरकार और स्वास्थ्य विभाग के बार-बार आश्वासन के बावजूद लंबे समय से अपने बकाया भुगतान का इंतजार कर रही हैं. ऐसे में जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक किसी भी स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि अभियान प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी.
सिविल सर्जन ने अधिकारियों को दिए निर्देश
पल्स पोलियो अभियान प्रभावित होने की सूचना मिलने के बाद खगड़िया के सिविल सर्जन ने गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश, प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुनंदन आनंद समेत अन्य अधिकारियों से फोन पर बातचीत की. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे आंदोलनरत आशा कार्यकर्ताओं से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास करें ताकि पोलियो अभियान सुचारु रूप से संचालित हो सके.
पांचवें दिन भी जारी रहा धरना
आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि उनका अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार 23 जून 2026 से जारी है. उनका कहना है कि लंबे समय से बकाया मानदेय और पारिश्रमिक का भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
सरकार की बेरुखी पर जताई नाराजगी
ASHA Workers Strike: आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग और सरकार उनकी समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है. समय पर मानदेय नहीं मिलने से आशा कार्यकर्ताओं के परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है. उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की होगी.
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने क्या कहा
गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर 23 जून से राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं. विभाग की ओर से उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर अड़ी हुई हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द समाधान निकलने पर स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो जाएंगी.
