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एक ही रात सांप के काटने से तीन लोगों की मौत

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एक ही रात सांप के काटने से तीन लोगों की मौत

भभुआ सदर. जिले में जहरीले सांपों के काटने से मौत का कहर जारी है. शुक्रवार की रात को भी जिले में जहरीले सांप के काटने से एक 40 वर्षीय महिला, एक तीन वर्षीय बच्ची व 16 साल की एक किशोरी की मौत हो गयी. मृतकों में भभुआ शहर के वार्ड 25 निवासी मनीष कुमार की 40 वर्षीय पत्नी धर्मशीला देवी, भगवानपुर थाना क्षेत्र के परमालपुर गांव निवासी संतोष सिंह कुशवाहा की तीन वर्षीय बेटी अनुष्का कुमारी और चैनपुर थाना क्षेत्र के फकराबाद गांव निवासी श्रवण कुमार की 16 वर्षीय बेटी सरिता कुमारी बतायी जाती है. जानकारी के अनुसार, तीनों मौत में एक समानता रही कि सांप ने बिस्तर पर चढ़ कर सोये अवस्था में सभी को काटा है. गौरतलब है कि पिछले महीने के एक अगस्त से 20 सितंबर तक भभुआ अनुमंडल क्षेत्र में सर्पदंश के 43 लोग शिकार हुए, जिनमें से कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है. शुक्रवार रात सर्पदंश से हुई तीन मौत के अलावा चैनपुर थाना क्षेत्र के जिगिना गांव निवासी धनराजी कुंवर, भभुआ थानाक्षेत्र के जिगिनपुरवा गांव निवासी सुरेंद्र प्रसाद की 15 वर्षीय बेटी अंशिका कुमारी, झारखंड के पाटन जिला निवासी सागर महार और चांद थानाक्षेत्र के सोंगर गांव निवासी सत्यनारायण राम की 18 वर्षीय बेटी गीता कुमारी और दुर्गावती थानाक्षेत्र के दसौती गांव निवासी स्व रामसूरत राम के बेटे 47 वर्षीय केशो राम की मौत हो चुकी है. = झाड़-फूंक के चक्कर में बच्ची व किशोरी की गयी जान शुक्रवार रात सर्पदंश की शिकार हुई तीन वर्षीय बच्ची और किशोरी की मौत के संबंध में पता चला है कि परमालपुर गांव निवासी संतोष कुशवाहा की तीन वर्षीय बेटी अनुष्का कुमारी और फकराबाद निवासी श्रवण कुमार की 16 वर्षीय बेटी सरिता कुमारी को सांप काटने के बाद परिजन इलाज कराने की जगह झाड़-फूंक कराने लगे. झाड़-फूंक के बाद भी जब दोनों को होश नहीं आया, तो परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर आये, जहां इलाज के क्रम में ही दोनों बच्चियों की मौत हो गयी. = महिला ने इलाज के दौरान वाराणसी में तोड़ा दम शुक्रवार की रात बेलांव थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव के निवासी और शहर के वार्ड 25 में मकान बनाकर रह रहे मनीष कुमार की पत्नी धर्मशीला देवी को सोये अवस्था में सांप ने काट लिया. जानकारी पर परिजन महिला को देर रात ही इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर आये, जहां महिला को इमरजेंसी में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. लेकिन, सर्पदंश की शिकार हुई महिला की हालत सुधरने की जगह और बिगड़ने लगी, तो उसे बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर ने हायर सेंटर रेफर कर दिया. परिजन महिला का वाराणसी में इलाज करा रहे थे, इसी दौरान शनिवार सुबह इलाजरत महिला ने दम तोड़ दिया. = सांप काट ले तो तुरंत पहुंचे अस्पताल सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ विनोद कुमार ने बताया कि सर्पदंश के बाद व्यक्ति को भागना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे रक्त का संचार बढ़ने से जहर तेजी से शरीर में फैलने लगता है. सांप के काटने के बाद व्यक्ति को तत्काल बैठ जाना चाहिए और सर्पदंश के स्थान को पोटेशियम परमैग्नेट या लाल दवा के पानी अथवा साबुन से खूब धोना चाहिए. इसके बाद सर्पदंश के स्थान से दो इंच ऊपर कपड़े की पट्टी अथवा रस्सी कसकर बांध दें. साथ ही पट्टी इतना टाइट भी नहीं बांधना चाहिए, जिससे खून का प्रवाह पूरी तरह बंद हो जाये. इसके तत्काल बाद उसे सदर अस्पताल या डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए. जहां एंटी स्नेक वेनम के अतिरिक्त सांस और दिल के सहायता संबंधी उपकरण उपलब्ध हों. जबकि, इस मामले में झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ने से जान भी गंवानी पड़ सकती है. = सभी अस्पतालों में उपलब्ध है एंटीसीरम स्नेक वेनम सिविल सर्जन डॉ शांति कुमार मांझी ने बताया कि बरसात में सर्प, बिच्छू आदि से बचाव करने की आवश्यकता है. सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक करवाने की जगह तत्काल मरीज को अस्पताल पहुंचाएं, ताकि समय पर इलाज कर उसकी जान बचायी जा सके. इस समय सदर अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एंटीसीरम स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है.

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