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Home बिहार कैमूर रखरखाव के अभाव का दंश झेल रहा उपस्वास्थ्य केंद्र कुल्हड़िया, झड़ रहे छज्जे

रखरखाव के अभाव का दंश झेल रहा उपस्वास्थ्य केंद्र कुल्हड़िया, झड़ रहे छज्जे

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रखरखाव के अभाव का दंश झेल रहा उपस्वास्थ्य केंद्र कुल्हड़िया, झड़ रहे छज्जे

एनएच-19 किनारे उपस्वास्थ्य केंद्र को सुरक्षा की दृष्टि से चहारदीवारी भी मयस्सर नहीं परिसर में फैल रही गंदगी व उग रहीं झाड़ियां से स्वच्छता पर लगा रहा प्रश्न चिह्न दुर्गावती. स्थानीय प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली एनएच-19 के उत्तरी किनारे स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र कुल्हड़िया के भवन का छज्जा रख-रखाव के अभाव में जगह-जगह झड़ने लगा है. वहीं, इसका परिसर इन दिनों अतिक्रमण से भी घिरता जा रहा है, जिससे परिसर की भूमि लगातार सिकुड़ती जा रही है. इस परिसर के पूर्वी किनारे एक तरफ रैन बसेरा, तो दूसरी ओर सड़क किनारे पश्चिम दिशा में रेवटी व गुमटी लगाकर सब्जी सहित विभिन्न दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है. वहीं, तीसरी ओर दक्षिणी छोर पर सड़क किनारे मुर्गा, मछली सहित कई दुकानों का कब्जा बना हुआ है. इसके कारण परिसर में दुकानदारों द्वारा फेंके जा रहे अवशेष व बहाये जा रहे गंदे पानी से कचड़ा व गंदगी फैलने लगी है. गंदगी के कारण यहां इलाज कराने आये मरीजों में स्वास्थ्य लाभ के बजाय संक्रमित बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है. इसके बावजूद न तो विभाग का ध्यान इस ओर जा रहा है और न ही क्षेत्रीय पदाधिकारियों की नजर इस समस्या पर पड़ रही है. चहारदीवारी के अभाव में उपस्वास्थ्य केंद्र परिसर की बदहाल स्थिति यह दर्शाती है कि इस ओर किसी का ध्यान ही नहीं है. गौरतलब है कि स्वच्छता को स्वास्थ्य की जननी माना जाता है, लेकिन उपस्वास्थ्य केंद्र के इर्द-गिर्द व परिसर में फैली गंदगी सरकार के स्वच्छता अभियान को तार-तार करती नजर आ रही है. कहते हैं क्षेत्रवासी क्षेत्रीयजनों की मानें तो यहां इतनी पर्याप्त जमीन है कि 30 बेड का सीएचसी अस्पताल बनाया जा सकता है. एनएच किनारे स्थित होने के कारण यदि यहां ट्राॅमा सेंटर की सुविधा उपलब्ध हो जाये तो सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों के लिए यह केंद्र बेहद उपयोगी साबित होगा. जीटी रोड से सटे इस उपस्वास्थ्य केंद्र के पास लगभग एक एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम से है. यहां बाउंड्रीवाॅल, चिकित्सकों के आवास व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर इसे सीएचसी या ट्राॅमा सेंटर के रूप में विकसित किया जाये तो लोगों को काफी सुविधा मिलेगी. क्या कहते हैं लोग –कुल्हड़िया गांव निवासी करीब 75 वर्षीय उमाशंकर सिंह ने बताया कि यदि इस उपस्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर दिया जाये, तो ग्रामीणों के साथ-साथ राहगीरों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकती है. हाइवे व क्षेत्रीय सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के घायलों का प्राथमिक इलाज तुरंत संभव हो सकेगा. जानकारी के अनुसार, लगभग 1 एकड़ 8 डिसमिल खतियानी भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम से दर्ज है. –भेरिया गांव निवासी समाजसेवी ओमनाथ सिंह ने कहा कि यह इलाका यूपी से सटे बिहार का सीमावर्ती क्षेत्र है. सड़क दुर्घटना होने पर घायलों को इलाज के लिए 7-8 किलोमीटर दूर दुर्गावती या यूपी के चंदौली ले जाना पड़ता है. ऐसे में मरीज की हालत नाजुक हो जाती है. यदि इस उपस्वास्थ्य केंद्र को पीएचसी, सीएचसी या ट्राॅमा सेंटर में अपग्रेड कर दिया जाये तो घायलों को तत्काल इलाज मिल सकेगा. बोले पदाधिकारी –इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संगीता सिन्हा ने बताया कि यह उच्चस्तरीय मामला है. यदि ऐसी स्थिति है तो जिला चिकित्सा पदाधिकारी को अवगत कराते हुए विभाग को पत्राचार किया जायेगा. मेंटेनेंस से संबंधित जानकारी वहां की सीएचओ दे सकती हैं. –उपस्वास्थ्य केंद्र कुल्हड़िया की सीएचओ आराधना अस्थाना ने बताया कि परिसर में चहारदीवारी नहीं है और आसपास के दुकानदारों द्वारा कचरा फेंका जाता है. जहां तक संभव होता है साफ-सफाई करायी जाती है. कुछ गड्ढों की भराई कर दी गयी है और शेष की भराई भी करायी जायेगी. छज्जे के झड़ने की जानकारी विभाग को पत्राचार के माध्यम से दे दी गयी है. बोले मुखिया खजुरा पंचायत के मुखिया संजय मल्होत्रा ने बताया कि भवन का निर्माण सही ढंग से नहीं हुआ है, जिसके कारण छज्जे झड़ रहे हैं. बीते माह एक महिला मरीज के पास ही छज्जे का भारी टुकड़ा गिरा था, हालांकि संयोगवश कोई हताहत नहीं हुआ. चहारदीवारी के अभाव में भवन असुरक्षित है. यदि इसे अपग्रेड किया जाये तो मरीजों व सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को बड़ी सहूलियत मिलेगी.

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