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Home बिहार जहानाबाद कवर्ड वायर और डीपी की योजना फेल: जहानाबाद में पोलों पर तारों का मकड़जाल बना खतरे की वजह

कवर्ड वायर और डीपी की योजना फेल: जहानाबाद में पोलों पर तारों का मकड़जाल बना खतरे की वजह

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कवर्ड वायर और डीपी की योजना फेल: जहानाबाद में पोलों पर तारों का मकड़जाल बना खतरे की वजह
पोलों पर तारों का जाल.

जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jahanabad News: शहर में बिजली के पोलों पर फैले तारों के मकड़जाल ने उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है. खराब डीपी, डायरेक्ट कनेक्शन और मरम्मत के अभाव में शहर की बिजली व्यवस्था अव्यवस्थित होती जा रही है. हालात ऐसे हैं कि पोलों पर उलझे तार कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं. पिछले रविवार को शिवाजी पथ में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने इस खतरे को और गंभीरता से सामने ला दिया है.

अवैध कनेक्शन पर रोक के लिए लगाये गये थे डीपी

करीब दो से तीन वर्ष पूर्व बिजली विभाग ने खुले नंगे तारों को हटाकर कवर्ड वायर लगाने का अभियान चलाया था. इसके साथ ही बिजली के पोलों पर डीपी (डिस्ट्रिब्यूशन प्वाइंट) लगाए गए थे, ताकि उपभोक्ताओं को व्यवस्थित तरीके से कनेक्शन दिया जा सके और अवैध कनेक्शन पर रोक लग सके. शुरुआती दिनों में व्यवस्था बेहतर रही, लेकिन समय के साथ डीपी खराब होते गए और उनकी मरम्मत नहीं कराई गई.

स्थिति यह हो गई कि डीपी में फॉल्ट आने या सॉकेट जल जाने पर संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन सीधे मुख्य तार से जोड़ दिया गया. नए उपभोक्ताओं के लिए भी पर्याप्त संख्या में नए डीपी नहीं लगाए गए. नतीजतन पोलों पर डायरेक्ट कनेक्शनों की संख्या बढ़ती गई और तारों का जाल फैलता चला गया.

शोभा की वस्तु बनकर रह गए डीपी

शहर के अधिकांश पोलों पर लगे डीपी या तो पूरी तरह खराब हो चुके हैं या उनमें कुछ ही सॉकेट काम कर रहे हैं. कई स्थानों पर डीपी केवल दिखावे की वस्तु बनकर रह गए हैं, जबकि अधिकांश उपभोक्ताओं के कनेक्शन सीधे तारों से जुड़े हुए हैं. इससे स्पार्किंग, कार्बन और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ रही हैं.

शिवाजी पथ: शॉर्ट सर्किट से लग चुकी है आग

पिछले रविवार को शिवाजी पथ स्थित बिजली के तारों के मकड़जाल में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. आग लगने के बाद तारों से निकल रही चिंगारियां सड़क पर गिरने लगीं, जिससे आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बिजली विभाग को सूचना दी, लाइन कटवाई और पानी डालकर आग बुझाई. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था.

फॉल्ट ढूंढने में छूटते हैं लाइनमैन के पसीने

बिजली के पोलों पर फैले तारों के जाल के कारण किसी उपभोक्ता के खराब कनेक्शन को ढूंढना भी मुश्किल हो गया है. मरम्मत कार्य के दौरान लाइनमैन को घंटों मशक्कत करनी पड़ती है. कई बार तारों की अधिकता के कारण फॉल्ट की पहचान करने में भी परेशानी होती है.

आंधी-पानी में बढ़ जाती है परेशानी

स्थानीय लोगों के अनुसार तेज हवा और बारिश के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है. हवा में झूलते तार आपस में टकराकर फॉल्ट पैदा करते हैं, जिससे कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है. जबकि कवर्ड वायर और डीपी लगाए जाने के समय दावा किया गया था कि ऐसी समस्याओं में कमी आएगी.

क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता

कार्यपालक विद्युत अभियंता डॉ. नंदलाल चौधरी ने स्वीकार किया कि शहर में कुछ डीपी खराब हैं. उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में डीपी उपलब्ध हैं, लेकिन भीषण गर्मी के दौरान लोड शेडिंग कर नए डीपी लगाने से उपभोक्ताओं को परेशानी होगी. मौसम में सुधार होते ही खराब डीपी को बदलने और आवश्यक स्थानों पर नए डीपी लगाने का कार्य किया जाएगा.

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राजीव कुमार कंटेंट राइटर राजीव कुमार प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं. खबरों के संपादन के क्षेत्र में उनके पास तीन साल का अनुभव है. प्रभात खबर डिजिटल के पटना कार्यालय से जुड़ने से पहले वे भागलपुर में हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर अखबार की संपादकीय टीम में काम कर चुके हैं. बिहार की राजनीतिक, सामाजिक जीवन से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ रखते हैं. विशेषज्ञता राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है. पत्रकारिता अनुभव राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला.दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद प्रभात खबर डिजिटल में पारी की शुरुआत की. शिक्षा/पुरस्कार मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.
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