[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार जहानाबाद जहानाबाद: जनगणना में मातृभाषा के रूप में मगही दर्ज कराने की अपील, मखदुमपुर में सजी 12वीं मगही चौपाल

जहानाबाद: जनगणना में मातृभाषा के रूप में मगही दर्ज कराने की अपील, मखदुमपुर में सजी 12वीं मगही चौपाल

0
जहानाबाद: जनगणना में मातृभाषा के रूप में मगही दर्ज कराने की अपील, मखदुमपुर में सजी 12वीं मगही चौपाल

Magahi Chaupal Jehanabad : मगही भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने की मांग को लेकर चलाए जा रहे जनजागरण अभियान के तहत रविवार को मखदुमपुर बाजार में 12वीं मगही चौपाल का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में भाषा, संस्कृति और पहचान के संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की गई.

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वजीत अलबेला ने सरस्वती वंदना से की. इसके बाद सन्नी कश्यप ने मगध और मगही भाषा के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला. विश्वजीत अलबेला ने अपने मगही लोकगीतों की प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

अष्टम अनुसूची में शामिल कराने की उठी मांग

कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय कुमार ने की. उन्होंने कहा कि मगही भाषा हमारी पहचान, संस्कृति और सम्मान का प्रतीक है. इसे संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए सभी लोगों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए.

जनगणना में मगही दर्ज कराने की अपील

मगही चौपाल के संयोजक गौतम परासर ने लोगों से आगामी जनगणना में अपनी मातृभाषा के रूप में मगही दर्ज कराने की अपील की. उन्होंने कहा कि मगही एक प्राचीन और समृद्ध भाषा है तथा इसे संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने तक जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर मगही भाषा के संरक्षण और संवैधानिक मान्यता की मांग का समर्थन किया.

Also Read: बांकीपुर उपचुनाव में BJP की साख दांव पर, प्रशांत किशोर उतरे तो उनके लिए भी होगी अग्निपरीक्षा

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel