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Home बिहार जमुई जमुई में जेंडर परिवर्तन के बाद शादी ने छेड़ दी नयी बहस, एक परिवार ने दी स्वीकृति, तो दूसरा पहुंच गया थाना

जमुई में जेंडर परिवर्तन के बाद शादी ने छेड़ दी नयी बहस, एक परिवार ने दी स्वीकृति, तो दूसरा पहुंच गया थाना

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जमुई में जेंडर परिवर्तन के बाद शादी ने छेड़ दी नयी बहस, एक परिवार ने दी स्वीकृति, तो दूसरा पहुंच गया थाना

जमुई से पंकज सिंह की रिपोर्ट

Jamui News : जमुई जिले के हरला गांव में जेंडर परिवर्तन के बाद राज (पूर्व नाम राखी) और शिक्षिका नयनशी कुमारी के विवाह ने नई बहस को जन्म दे दिया है. मंदिर में संपन्न हुई इस शादी के बाद जहां राज के परिवार ने रिश्ते को खुले मन से स्वीकार कर लिया है, वहीं नयनशी के परिजनों ने गंभीर आपत्ति जताते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है. मामला अब सामाजिक चर्चा के साथ-साथ कानूनी दायरे में भी पहुंच गया है.

एक विवाह जिसने खड़े कर दिए कई सवाल

ग्रामीण इलाकों में विवाह को आज भी पारिवारिक और सामाजिक संस्था के रूप में देखा जाता है. ऐसे में जेंडर परिवर्तन के बाद हुए इस विवाह ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बदलते समय के साथ समाज की परिभाषाएं किस तरह बदल रही हैं. गांव की चौपालों से लेकर सोशल मीडिया तक इस घटना की चर्चा हो रही है.

बदलते समाज पर बंटी राय

ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं. युवाओं का एक वर्ग इसे व्यक्ति की स्वतंत्रता और अपने जीवन के फैसले लेने के अधिकार से जोड़कर देख रहा है. वहीं कई बुजुर्ग इसे पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था के लिए चुनौती मान रहे हैं. लोगों का कहना है कि समाज तेजी से बदल रहा है और नई परिस्थितियां नई बहसों को जन्म दे रही हैं.

एक परिवार की स्वीकृति, दूसरे का विरोध

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चर्चित पहलू दोनों परिवारों की भिन्न प्रतिक्रिया है. राज के परिजनों ने जेंडर परिवर्तन और विवाह के निर्णय को स्वीकार करते हुए समर्थन दिया है. परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चे के फैसले का सम्मान किया है.दूसरी ओर नयनशी कुमारी की मां ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर विवाह किया गया है. परिजनों ने पुलिस से मामले की जांच की मांग की है.

गांव में चर्चा का विषय बना अलग शौचालय

स्थानीय लोगों के अनुसार, जेंडर परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद राज ने सार्वजनिक गतिविधियों में भागीदारी कम कर दी थी. ग्रामीणों का कहना है कि इसी दौरान घर में अलग शौचालय का निर्माण कराया गया था. हालांकि उस समय इसके पीछे की वास्तविक वजह लोगों को पता नहीं थी. विवाह और जेंडर परिवर्तन की जानकारी सामने आने के बाद गांव में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

शादी के बाद दोनों के ठिकाने पर सस्पेंस

मंदिर में विवाह की खबर सामने आने के बाद दोनों अपने-अपने घरों से अनुपस्थित बताए जा रहे हैं. परिजन उनके सुरक्षित होने की उम्मीद जता रहे हैं. वहीं पुलिस को दी गई शिकायत के बाद मामले को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है.

कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर टिकी निगाहें

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में कानूनी स्थिति, दोनों पक्षों की सहमति और व्यक्तिगत अधिकार महत्वपूर्ण पहलू होते हैं. फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.

पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना मामला

फिलहाल यह विवाह केवल दो व्यक्तियों का निजी फैसला नहीं रह गया है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, पारिवारिक स्वीकृति, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और परंपरागत मान्यताओं के बीच चल रही बहस का प्रतीक बन गया है. आने वाले दिनों में पुलिस जांच और दोनों परिवारों की भूमिका इस मामले की दिशा तय करेगी.

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