Vaishali Woman Death After Delivery : वैशाली जिले के नगर थाना क्षेत्र में सदर अस्पताल के दक्षिणी गेट के सामने स्थित एक निजी नर्सिंग होम में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे पटना रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने शव को नर्सिंग होम के सामने रखकर जमकर हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस और सदर एसडीपीओ मौके पर पहुंचे तथा लोगों को समझाकर मामला शांत कराया. घटना के बाद सिविल सर्जन के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है.
सदर अस्पताल से निजी नर्सिंग होम ले गई आशा कार्यकर्ता
मृतका की पहचान वैशाली थाना क्षेत्र के दाउदनगर गांव निवासी नरेश पासवान की पत्नी ज्योति कुमारी के रूप में हुई है. मृतका के भाई सुमन कुमार ने बताया कि 27 जून को प्रसव पीड़ा होने पर ज्योति कुमारी को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आरोप है कि वहां मौजूद एक आशा कार्यकर्ता ने सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज नहीं होने और महिला के शरीर में पानी की कमी होने की बात कहकर परिजनों को डरा दिया. इसके बाद उसने महिला को अस्पताल रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया.
प्रसव के बाद बिगड़ी हालत, पटना ले जाते समय मौत
परिजनों के अनुसार, उसी दिन शाम करीब छह बजे महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया. प्रसव के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. नर्सिंग होम के डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद महिला को पटना के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया. परिजन उसे लेकर पटना जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजन शव लेकर वापस नर्सिंग होम पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया.
इलाज में लापरवाही और 80 हजार रुपये लेने का आरोप
आक्रोशित परिजनों ने नर्सिंग होम के डॉक्टर पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि इलाज के नाम पर विभिन्न किस्तों में करीब 80 हजार रुपये वसूले गए, लेकिन समय पर समुचित उपचार नहीं दिया गया. हंगामे की सूचना मिलते ही नर्सिंग होम का डॉक्टर और अन्य कर्मचारी मौके से फरार हो गए.
पुलिस ने संभाला मोर्चा, कार्रवाई का दिया आश्वासन
घटना की सूचना पर नगर थानाध्यक्ष सिकंदर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे. बाद में सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया. इसके बाद परिजन शांत हुए और शव लेकर घर चले गए.
बिना लाइसेंस चल रहे सैकड़ों निजी नर्सिंग होम पर उठे सवाल
घटना के बाद शहर में संचालित निजी नर्सिंग होमों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सदर अस्पताल के आसपास अस्पताल रोड, जौहरी बाजार, एसडीओ रोड, सुभाष चौक, पोखरा मोहल्ला सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिना पंजीकरण और निर्धारित मानकों का पालन किए सैकड़ों निजी नर्सिंग होम, एक्स-रे सेंटर, अल्ट्रासाउंड सेंटर और जांच घर संचालित हो रहे हैं. आरोप है कि इन संस्थानों में कई जगह न तो नियमित डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं और न ही पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं.
लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों को बिचौलियों के माध्यम से निजी अस्पतालों में भेजा जाता है, जहां बेहतर इलाज के नाम पर उनसे भारी रकम वसूली जाती है. ऐसे मामलों में मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की जांच अक्सर औपचारिकता बनकर रह जाती है.
Hajipur News : सिविल सर्जन ने गठित की जांच टीम
सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनीष कुमार रौशन ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सिविल सर्जन डॉ. श्याम नंदन प्रसाद के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है. टीम ने नर्सिंग होम पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली है और संस्थान की जांच शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
