[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार हाजीपुर वैशाली: पूर्व प्रमुख की विरासत को बेटे ने दिया नया मुकाम, BPSC में सफलता पाकर बने राजस्व अधिकारी

वैशाली: पूर्व प्रमुख की विरासत को बेटे ने दिया नया मुकाम, BPSC में सफलता पाकर बने राजस्व अधिकारी

0
वैशाली: पूर्व प्रमुख की विरासत को बेटे ने दिया नया मुकाम, BPSC में सफलता पाकर बने राजस्व अधिकारी
पूर्व प्रमुख के बेटे ने बीपीएससी परीक्षा में मारी बाजी। फोटो- प्रभात खबर

BPSC Success Story: किसी ने सच ही कहा है कि अगर हौसला बुलंद हो तो कामयाबी कदम चूमती है. ऐसा ही कर दिखाया है महुआ के पूर्व दिवंगत महिला प्रमुख स्व. मंजू देवी के द्वितीय पुत्र धीरज कुमार ने. उन्होंने बीपीएससी 70वीं परीक्षा में 1600वां रैंक प्राप्त कर राजस्व अधिकारी बनकर न सिर्फ अपने माता-पिता के साथ अन्य परिजनों बल्कि क्षेत्र का भी नाम रोशन किया है. जानकारी के अनुसार शेरपुर मानिकपुर पंचायत के बहोरी निवासी समाजसेवी कृष्णा पंडित के पुत्र धीरज कुमार बचपन से ही काफी तेज तर्रार और गंभीर छात्र थे. पिता समाजसेवी तो माता जनप्रतिनिधि होने के बावजूद भी धीरज पढ़ लिखकर अधिकारी बनना चाहते थे. उनकी इस सफलता से पूरे गांव और पंचायत के लोगों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है.

मां के निधन के बाद भी जारी रखा संघर्ष

धीरज ने सीबीएसई बोर्ड से वर्ष 2005 में मैट्रिक और 2007 में इंटर करने के बाद सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने कोटा चले गए. वहां दो साल रहने के बाद 2009 में दिल्ली चले आए. दिल्ली में पढ़ाई के साथ ही प्रशासनिक परीक्षाओं की तैयारी करने के दौरान ही वर्ष 2015 में उनकी मां मंजू देवी की गंभीर बीमारी से मौत हो गई. इसके बाद वे घर लौट आए. मां की मौत के बाद प्यार और ममता छिन जाने से धीरज और उनके भाई-बहन अंदर से टूट गए थे. इसके बाद भी हार न मानते हुए उन्होंने घर पर ही रहकर नीरसु नारायण सिंह महाविद्यालय सिंघाड़ा से 2019 में स्नातक पूरा किया. इसके बाद वे फिर से दिल्ली गए और बीपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.

चौथे प्रयास में पूरा हुआ अधिकारी बनने का सपना

वर्ष 2020 से 2026 तक तीन बार बीपीएससी परीक्षा देने और दो बार असफल होने के बावजूद धीरज ने हार नहीं मानी और अपना सकारात्मक प्रयास जारी रखा. आखिरकार वर्ष 2026 के 70वीं बीपीएससी परीक्षा में उन्हें सफलता मिल गई. धीरज चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं. मां की मौत के बाद पिता कृष्णा पंडित ने कभी भी अपने बच्चों को मां की कमी का अहसास नहीं होने दिया. उन्होंने बड़े बेटे नीरज को महुआ में ही टायर की दुकान खुलवाकर व्यवसाय क्षेत्र में आगे बढ़ाया, तो दूसरे बेटे धीरज को अधिकारी बना दिया. उनकी बड़ी बेटी प्रीति हाउस वाइफ हैं और छोटी बेटी सुप्रिया पटना वीमेंस कॉलेज से एमएससी कर रही हैं.

सफलता का श्रेय पिता और गुरुओं को दिया

धीरज ने राजस्व अधिकारी बनने पर गर्व महसूस करते हुए बोला कि आज मेरी मां इस दुनिया में नहीं हैं, अगर मां होती तो बहुत खुश होतीं. अफसोस तो उन्हें खोने का है लेकिन पिता ने मां और पिता दोनों का प्यार दिया है. आज वे जो कुछ भी हैं, उसमें उनके पिता जी का ही श्रेय है. इसके साथ ही धीरज ने अपने गुरुओं को भी इस कामयाबी में अहम जिम्मेदार बताया है. धीरज को मिली इस कामयाबी पर उनके पिता और बड़े भाई नीरज कुमार ने बताया कि धीरज का बचपन से ही सपना था कि अधिकारी बनकर गरीब और असहाय परिवारों की सेवा करे और देश-राज्य की तरक्की में अपना योगदान दे.

Also Read: सारण के लाल नेहाल पांडेय ने 70वीं BPSC में मारी बाजी, ग्रामीण विकास पदाधिकारी बन छपरा का बढ़ाया मान

Previous article राम मंदिर दान विवाद: अरविंद केजरीवाल का दावा, निष्पक्ष जांच हुई तो गिर जाएगी योगी सरकार
Next article नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर मुहर, जल्द बिहार यात्रा पर निकलेंगे, उमेश कुशवाहा बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष
Avatar Of Vikash Jha
विकाश झा एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और कंटेंट प्रोफेशनल हैं, जिन्हें मीडिया, डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2020 में भोपाल से हुई, जिसके बाद उन्होंने ETV Bharat, Bharat Express और News24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का निर्वहन किया। News24 से आगे बढ़ते हुए उन्होंने Adglobal360 India Pvt. Ltd. के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं। क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव है और वे क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपनी लेखनी का महत्वपूर्ण विषय मानते हैं। उन्हें यात्रा करना, नए लोगों और स्थानों को जानना तथा समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकाश डिजिटल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में तथ्यों पर आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel