Gopalganj News: गोपालगंज में भाकपा (माले) की ओर से शनिवार को मॉब लिंचिंग, कथित फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर कार्रवाई और पुलिस दमन के विरोध में शहीद-ए-आजम भगत सिंह चौक से प्रतिवाद मार्च निकाला गया. मार्च पोस्ट ऑफिस होते हुए मौनिया चौक पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई.
राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत हुआ प्रदर्शन
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के जिला कमेटी सदस्य सुभाष सिंह कुशवाहा ने आरोप लगाया कि बिहार में पुलिस कार्रवाई, बुलडोजर कार्रवाई और कथित फर्जी मुठभेड़ों की घटनाएं बढ़ रही हैं. उन्होंने मॉब लिंचिंग, जाति के आधार पर हिंसा, दलितों, पिछड़ों और गरीबों पर बढ़ते हमलों को लेकर भी चिंता जताई.
उन्होंने कहा कि इन्हीं मुद्दों को लेकर 4 जुलाई को पूरे बिहार में राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया जा रहा है.
रोजगार, महंगाई और संविधान के मुद्दे भी उठाए
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “काम दो, रोजगार दो, महंगाई रोको, संविधान और कानून का राज स्थापित करो” जैसे नारे लगाए. वक्ताओं ने रोजगार के अवसर बढ़ाने, महंगाई पर नियंत्रण तथा कानून के शासन को प्रभावी बनाने की मांग की.

राजगीर की घटना का भी किया उल्लेख
जिला कमेटी सदस्य विधा प्रसाद कुशवाहा ने अपने संबोधन में राजगीर की एक घटना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि दो दलित युवकों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. उन्होंने इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की.
राम मंदिर निर्माण से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग
सभा को संबोधित करने वाले वक्ताओं ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदा एवं भूमि घोटालों के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि ऐसे आरोप सही हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. यह मांग प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं द्वारा व्यक्त की गई.

कई नेताओं ने किया संबोधित
सभा में भाकपा (माले) के अंचल नेता मंजूर आलम, नंदेश्वर राम, कजरूदीन, अशोक यादव, राजकुमार यादव, मुन्ना शर्मा, शैलेश कुमार, विरेश यादव, गुड्डू यादव, शशी ठाकुर, जमिला खातून, राम प्रवेश राम, रामानंद प्रसाद, विजय साहनी, मनीषा देवी तथा जिला कमेटी सदस्य आर.आर. नशेमन सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे.
