BPSC TRE-3 News: (विकास दुबे) बिहार में तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति (TRE-3) के तहत बहाल NIOS से 18 माह का D.El.Ed करने वाले शिक्षकों पर अब कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देश के बाद गोपालगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) योगेश कुमार ने ऐसे शिक्षकों की पहचान कर नियमानुसार उनकी सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है. आदेश के बाद जिला शिक्षा कार्यालय में हलचल तेज हो गई है और संबंधित शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
NIOS का 18 माह D.El.Ed नियुक्ति के लिए नहीं है मान्य
प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि NIOS से प्राप्त 18 माह का D.El.Ed प्रमाणपत्र विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए मान्य नहीं है. यदि किसी अभ्यर्थी की नियुक्ति इसी योग्यता के आधार पर हुई है तो नियमानुसार उसकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी.
गोपालगंज में नियुक्ति अभिलेखों की होगी गहन जांच
डीईओ के निर्देश के बाद अब गोपालगंज जिले में TRE-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और सेवा अभिलेखों की विस्तृत जांच की जाएगी. जांच में यदि किसी शिक्षक की नियुक्ति NIOS के 18 माह D.El.Ed प्रमाणपत्र के आधार पर पाई जाती है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी. सेवा समाप्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी.
विज्ञापन में पहले से स्पष्ट थी पात्रता की शर्त
शिक्षा विभाग के अनुसार 7 दिसंबर 2023 को जारी विभागीय पत्र के आधार पर TRE-3 के विज्ञापन में ही स्पष्ट कर दिया गया था कि NIOS का 18 माह D.El.Ed शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्य नहीं होगा. ऐसे में पात्रता की शर्तों के विपरीत हुई नियुक्तियों को अब नियमों के तहत निरस्त किया जाएगा.
शिक्षकों में बढ़ी चिंता, विभाग ने मांगी त्वरित रिपोर्ट
आदेश जारी होने के बाद गोपालगंज में TRE-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों के बीच चिंता बढ़ गई है. जिला शिक्षा कार्यालय अब यह पता लगाने में जुटा है कि जिले में ऐसे कितने शिक्षक कार्यरत हैं, जिनकी नियुक्ति इस योग्यता के आधार पर हुई है. विभाग ने सभी जिलों से शीघ्र जांच पूरी कर कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
पूरे बिहार में हो सकती है नियुक्तियों की समीक्षा
शिक्षा विभाग के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गोपालगंज सहित पूरे बिहार में TRE-3 के तहत हुई नियुक्तियों की गहन समीक्षा की जाएगी. जिन मामलों में नियुक्ति नियमों के विपरीत पाई जाएगी, वहां संबंधित शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है.
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