Gaya ji News : गया-मानपुर रेलखंड स्थित वागेश्वरी गुमटी पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजना अब जमीन पर उतरती नजर आ रही है. निर्माण एजेंसी ने कार्य शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है, लेकिन भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के मुद्दे पर प्रभावित परिवारों का विरोध भी मुखर हो गया है. स्थानीय लोगों ने अपने घरों पर पहले मुआवजा, तब काम लिखे बैनर लगाकर स्पष्ट कर दिया है कि वे परियोजना के विरोधी नहीं, बल्कि उचित मुआवजा मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने के पक्षधर हैं.
आरओबी निर्माण से मिलेगी जाम से राहत
शहर में वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या के समाधान के लिए वागेश्वरी गुमटी पर आरओबी का निर्माण महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 21 फरवरी को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने परियोजना का भूमि पूजन किया था. इसके बाद निर्माण एजेंसी ने बेस कैंप स्थापित कर मशीनें जुटानी शुरू कर दी हैं. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अब यह बहुप्रतीक्षित परियोजना जल्द धरातल पर दिखाई देगी.
90.16 करोड़ रुपये की परियोजना
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल गया की ओर से करीब 90.16 करोड़ रुपये की लागत से इस आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है. परियोजना के तहत 63.48 मीटर लंबा रेल ओवरब्रिज, 424.80 मीटर वायाडक्ट, दोनों ओर सर्विस रोड, नाला निर्माण तथा पैदल यात्रियों के लिए लाइट फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा. इसके पूरा होने से गया स्टेशन का संपर्क रामशिला और प्रेतशिला मार्ग से सुगम होगा, जिससे धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
मुआवजा बना सबसे बड़ा मुद्दा
परियोजना के समानांतर भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का मामला भी चर्चा में है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि पहले उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाए और उनकी आपत्तियों का समाधान किया जाए, उसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जाए. उनका कहना है कि वे विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, बल्कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं.
अब प्रशासन, निर्माण एजेंसी और प्रभावित परिवारों के बीच होने वाली बातचीत पर सबकी नजर टिकी है.यदि मुआवजा और भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद समय रहते सुलझ गए तो वर्षों से लंबित वागेश्वरी आरओबी परियोजना तेजी से आगे बढ़ सकती है.
