बोधगया का बदलेगा रूप : महाबोधि कॉरिडोर और सैटेलाइट टाउनशिप के लिए विश्व बैंक की टीम ने किया सर्वे

Mahabodhi Corridor Project : महाबोधि कॉरिडोर और बोधगया के समग्र विकास की योजना को लेकर विश्व बैंक की टीम ने महाबोधि मंदिर क्षेत्र, रिवर साइड रोड और प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप का निरीक्षण किया. सर्वे के आधार पर जल्द DPR तैयार की जाएगी.

By KALENDRA PRATAP SINGH | June 26, 2026 10:56 PM

Mahabodhi Corridor Project : केंद्र और राज्य सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट महाबोधि कॉरिडोर और बोधगया के सम्पूर्ण विकास का खाका तैयार करने के लिए शुक्रवार को विश्व बैंक की एक टीम बोधगया पहुंची. नगर विकास एवं आवास विभाग के माध्यम से आई इस टीम में कई शहरी विकास विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री शामिल थे. टीम ने बोधगया-गया रिवर साइड रोड का मुआयना किया और महाबोधि मंदिर के बाहरी हिस्से का जायजा लिया ताकि पूरे इलाके के विकास का एक सटीक प्लान तैयार किया जा सके.

तैयार की जाएगी डीपीआर रिपोर्ट

इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के आधार पर अब विकास योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी, जिसके बाद विश्व बैंक से मिलने वाले फंड या सहयोग पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है. नगर विकास विभाग के जरिए बोधगया पहुंची इस विश्व बैंक की टीम के साथ स्थानीय प्रशासन द्वारा शहर के समग्र और चौमुखी विकास पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

Gaya Ji News : मंदिर और रिवर साइड पर फोकस

विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने हालांकि महाबोधि मंदिर परिसर के अंदर प्रवेश नहीं किया, लेकिन उन्होंने मंदिर के आसपास के पूरे इलाके की भौगोलिक और ढांचागत स्थिति को बहुत करीब से समझा. उनका मुख्य उद्देश्य यह देखना था कि मुख्य कॉरिडोर के अलावा बाकी बचे क्षेत्रों का विकास कैसे किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. इसमें ढुंगेश्वरी पहाड़ी के विकास का प्लान भी शामिल है.

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सैटेलाइट टाउनशिप की तलाश

महाबोधि क्षेत्र के अलावा, टीम ने गया-चेरकी रोड पर प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप के लिए भी उपयुक्त लोकेशन देखी. विशेषज्ञों ने इस जगह की गया जी एयरपोर्ट, रेलवे जंक्शन, बोधगया और महाबोधि मंदिर से दूरी का सटीक आकलन किया. साथ ही, यहां फोरलेन सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कनेक्टिविटी की भी विस्तृत जानकारी ली.

अधिकारियों की रही मौजूदगी

इस निरीक्षण के दौरान टीम ने स्पष्ट किया कि बोधगया और उसके आसपास के इलाकों के कायाकल्प के लिए एक विस्तृत मास्टर प्लान बनाया जा रहा है, जिसमें विश्व बैंक का बड़ा सहयोग लिया जा सकता है. इस अहम सर्वे के दौरान बोधगया नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव कुमार सहित जिले के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विश्व बैंक की टीम के साथ मुख्य रूप से मौजूद रहे.

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