सामाजिक न्याय व सामुदायिक सशक्तीकरण का लिया संकल्प

अमीर-गरीब तथा जरूरतमंदों के बीच की खाई को पाटने के लिए एआइ का करें उपयोग : प्रो अरविंद चौबे

By KALENDRA PRATAP SINGH | March 18, 2026 7:18 PM

फोटो- गया बोधगया 212- कार्यक्रम में शामिल स्टूडेंट्स व अन्य

अमीर-गरीब तथा जरूरतमंदों के बीच की खाई को पाटने के लिए एआइ का करें उपयोग : प्रो अरविंद चौबे

वरीय संवाददाता, गया जी

सीयूएसबी के समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग ने इस वर्ष के थीम को-बिल्डिंग होप एंड हारमनी : ए हेरम्ब कॉल टू यूनाइट ए डिवाइडेड सोसाइटी पर विश्व सामाजिक कार्य दिवस मनाया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रशासनिक भवन से चाणक्य भवन तक एक ऊर्जावान रैली के साथ हुई, जिसको कुलपति एवं कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक प्रो कामेश्वर नाथ सिंह ने औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. प्रो सिंह ने उपस्थित छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए समाज को उन्नत और एकजुट करने में सामाजिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका और गहन जिम्मेदारियों पर विशेष बल दिया. इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित एनआइटी दुर्गापुर के निदेशक प्रो अरविंद चौबे ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अमीर और गरीब तथा जरूरतमंदों के बीच की खाई को पाटने के लिए सामाजिक कार्य में तकनीक, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ), का उपयोग करें तथा नवाचार और सामाजिक स्टार्ट-अप्स के माध्यम से आगे बढ़ें.

पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि इस कार्यक्रम का नेतृत्व समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो एम विजय कुमार शर्मा ने किया, जिन्होंने औपचारिक रूप से 2026 की थीम से सभी को अवगत कराया. इस कार्यक्रम में विभाग के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों प्रो अनिल कुमार सिंह झा, प्रो समापिका महापात्र, डॉ जितेंद्र राम, डॉ हरेश नारायण पांडेय, डॉ पारिजात प्रधान और डॉ प्रिया रंजन की सक्रिय और उत्साहपूर्ण भागीदारी रही. इस अवसर पर कई विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रो प्रणव कुमार तथा परीक्षा नियंत्रक डॉ शांति गोपाल पाइन शामिल थे.

अकादमिक जगत और जमीनी कार्यों के बीच सेतु स्थापित करते हुए कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने अनुभव साझा किये. पैनल में कॉमवे एनजीओ के संस्थापक प्रवीण कुमार, प्राण एनजीओ के मुख्य कार्यकारी अनिल कुमार वर्मा तथा गया जी के समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता अनंतधीश अमन शामिल थे.

सीयूएसबी परिसर गूंज उठा

इस कार्यक्रम में पीएचडी शोधार्थी, एमएसडब्ल्यू, एमए समाजशास्त्र तथा अन्य स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के छात्रों की उपस्थिति देखने को मिली, जिन्होंने विभिन्न स्तरों पर कार्यक्रम में भाग लिया. सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सामाजिक कार्य के मूल भाव, वास्तविक जीवन की चुनौतियों और जमीनी स्तर पर कार्य करने की दृढ़ भावना को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया. अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों और छात्र आयोजकों के सामूहिक प्रयासों को सराहते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया. विश्व सामाजिक कार्य दिवस के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों से सीयूएसबी परिसर सामाजिक न्याय, सामुदायिक सशक्तीकरण और एक अधिक समरस समाज के निर्माण के साझा संकल्प के साथ गूंज उठा. अंत में डॉ प्रिया रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया.