गया जी: प्रतिबंध के बावजूद ढाढर नदी में अवैध खनन का खेल उजागर, वायरल वीडियो ने खोली पोल

Gaya Ji News : घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर तरवां टीओपी स्थापित है, जिसे बालू और शराब तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया है.

By Rajeev Kumar | June 23, 2026 11:42 AM

फतेहपुर (गया जी) से अरविंद कुमार सिंह की रिपोर्ट
Gaya Ji News : 15 जून से नदियों से बालू उठाव पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद फतेहपुर के आमीन गांव स्थित ढाढर नदी से मंगलवार दोपहर धड़ल्ले से अवैध बालू खनन का मामला सामने आया है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालंंकि वायरल वीडियो की पुष्टि प्रभात खबर डिजिटल नहीं करता है.

कुछ ही दूरी पर टीओपी स्थापित

स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन माफिया खुलेआम नदी से बालू का अवैध उठाव कर रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर तरवां टीओपी स्थापित है, जिसे बालू और शराब तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाया गया है. इसके बावजूद अवैध खनन जारी रहने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं.

लोगों का आरोप पुलिककर्मी व खनन माफियाओं का सांठगांठ

कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि टीओपी में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों की खनन माफियाओं और शराब तस्करों से सांठगांठ है. ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में एक व्हाट्सएप चैट भी सार्वजनिक किए जाने का दावा किया गया है. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.

सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी

इस मामले में फतेहपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि खनन माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि मंगलवार की घटना की उन्हें जानकारी नहीं थी, सूचना मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, तरवां टीओपी में तैनात सिपाही पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर वजीरगंज कैंप डीएसपी सुनील कुमार पांडे ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है. यदि जांच में कोई पुलिसकर्मी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें: NEET Re-Exam में फर्जीवाड़ा: मगध मेडिकल कॉलेज के छात्र से 15 दिन पहले ही CBI ने की थी पूछताछ, जानिए चौंकाने वाला खुलासा