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Home बिहार गया शहरी क्षेत्र में जीविका समूह को और प्रभावी बनाएं : डीएम

शहरी क्षेत्र में जीविका समूह को और प्रभावी बनाएं : डीएम

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शहरी क्षेत्र में जीविका समूह को और प्रभावी बनाएं : डीएम

गया न्यूज : जिले में 46361 जीविका समूह संचालित, 557344 जीविका दीदियां समूह में शामिल

गया.

समाहरणालय के सभागार में सोमवार को डीएम डॉ त्यागराजन व डीडीसी नवीन कुमार की मौजूदगी में जीविका ने जनहित में किये गये कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान जीविका के डीपीएम ने जानकारी दी कि जिले के सभी प्रखंडों में जीविका के समूह संचालित हैं. जिले में कुल 46361 जीविका समूह संचालित हैं. इसके अलावा 557344 जीविका दीदियां समूह में जुड़ी हैं. डीएम ने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्र व सभी नगर निकाय क्षेत्र में और प्रभावी रूप से जीविका समूह को विकसित करने में तेजी लाएं. जीविका दीदियों को दिये जाने वाले रिवाल्विंग फंड उपलब्ध कराने में कोई देरी नहीं करें. इस वर्ष 1874729 लीटर नीरा को बेचा गया है, जो जिले के लिए काफी अच्छी प्रगति है.

जीविका के डीपीएम ने बताया कि इस वर्ष मॉडल के रूप में जिले में 700 हाउस होल्ड को मुर्गी पालन अंतर्गत अंडा उत्पादन से जोड़ने का कार्य किया गया है. अब जिले में उत्पादित अंडों को डिमांड पर मगध मेडिकल अस्पताल, सरकारी अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्रों व शिक्षा विभाग के एमडीएम से जोड़ा जायेगा. डीएम ने कहा कि यह काफी अच्छी इनिसिएटिव है. इसमें पूरी रुचि लेकर अंडा उत्पादन का कार्य कराएं, ताकि जिले की जीविका दीदियों को भरपूर फायदा हो सके.

सतत जीविकोपार्जन योजना लाभकारी

सतत जीविकोपार्जन योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि राज्य सरकार की योजना काफी अच्छी है. इस योजना के तहत दो लाख रुपये तक की राशि जीविकोपार्जन के लिए दी जाती है. वैसे गरीब परिवार या पूर्व में मादक पदार्थ बेचने में संलिप्त परिवार, जिनके पास वर्तमान में कोई जीविकोपार्जन का सहारा नहीं है, वैसे परिवार या समूह को योजना का लाभ हर हाल में उपलब्ध कराएं. इस योजना का और अधिक विस्तार करने पर जोर दिया, ताकि ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके.

आहर-पोखर से अतिक्रमण हटाने में लें रुचि

जल-जीवन-हरियाली योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने कहा कि गया जिला लगभग पहाड़ियों से घिरा क्षेत्र है. गया जिले में ज्यादातर सुखाड़ की स्थिति बनी रहती है. जिले में सिंचाई आहार व पोखर पर ही निर्भर है. इसे ध्यान में रख आहर व पोखर के अतिक्रमण को हर हाल में हटाना जरूरी है. डीएम ने कहा कि सार्वजनिक जल संरचनाओं का यदि कहीं अतिक्रमण है, तो उसे तुरंत अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाएं. सार्वजनिक चापाकलों के किनारे सोख्ता का निर्माण कराएं. नये जलस्त्रोतों कर सृजन में तेजी लाएं, ताकि ज्यादा क्षेत्र सिंचित हो सके.

सौर ऊर्जा को बढ़ावा दें, आवास योजना देने में नहीं बरतें कोताही

डीएम ने सभी बीडीओ से कहा कि अपने क्षेत्र में सौर ऊर्जा अधिष्ठापन करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करें, ताकि ज्यादा-से-ज्यादा लोग सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक बनें. सौर ऊर्जा का प्रयोग कर सके. सौर ऊर्जा के लिए राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार योजना बनाकर अनुदान भी दी जा रही है. प्रधानमंत्री आवास योजना व मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के वैसे लाभुक, जो पात्रता रखते हैं, उन्हें आवास योजना का लाभ देने में कोई देरी नहीं करें. यदि लाभार्थी का नाम सूची में आ चुका है और बिना कोई विशेष कारण प्रथम किस्त की राशि देने में विलंब हो रहा है, तो वैसे आवास सहायक के विरुद्ध प्रतिवेदन भेजें. कठोर कार्रवाई की जायेगी. बैठक डीआरडीए के निदेशक सहित सभी बीडीओ, मनरेगा के सभी प्रोग्राम पदाधिकारी व जीविका के सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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