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Home बिहार दरभंगा दरभंगा: कागजों में सड़क तैयार,जमीन पर दलदल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

दरभंगा: कागजों में सड़क तैयार,जमीन पर दलदल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

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दरभंगा: कागजों में सड़क तैयार,जमीन पर दलदल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
बदहाल सड़क की तस्वीर

Darbhanga News: ग्रामीण कार्य विभाग की घोर लापरवाही और निर्माण एजेंसी (ठेकेदार) की मनमानी के कारण बिरौल अनुमंडल के अंतर्गत एक बड़ी सड़क परियोजना अधर में लटक गई है. ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत ‘L021-T01 से रोहर VR-22’ सड़क निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के छह महीने बीत जाने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है.

सड़क वर्तमान में पूरी तरह जर्जर होकर जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है. मानसून के ठीक मुहाने पर होने के बावजूद कार्य प्रारंभ न होने से स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. ग्रामीणों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे.

कागजों में 6 महीने पहले ही शुरू हो चुका है काम

विभागीय योजना बोर्ड से मिली तकनीकी और वित्तीय जानकारी के अनुसार, इस महत्वपूर्ण ग्रामीण पथ की कुल लंबाई 3.600 किलोमीटर है. इसके तहत ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा 2.300 किलोमीटर हिस्से में कालीकरण (बीटी पथांश) और शेष 1.300 किलोमीटर हिस्से में कंक्रीट (पीसीसी पथांश) सड़क का निर्माण किया जाना तय हुआ है.

इस पूरी योजना की प्राक्कलित (स्वीकृत) राशि 343.12344 लाख रुपये है, जबकि मूल कार्य के लिए 308.60522 लाख रुपये की राशि निर्धारित है. सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, इस कार्य के प्रारंभ होने की आधिकारिक तिथि 2 दिसंबर 2025 थी और इसे 1 दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर विभाग को सौंपना है.

ठेकेदार ने नहीं भेजी एक भी मशीन

इस सड़क के निर्माण का जिम्मा ‘लोहा कन्स्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ (निवासी: जमुनियाँ, जिला-सहरसा) को मिला है. इस परियोजना की मुख्य कार्यकारी एजेंसी ग्रामीण कार्य विभाग (RWD), कार्य प्रमंडल बिरौल है. इसके बावजूद, स्वीकृत तिथि से छह महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण स्थल पर मिट्टी का एक ढेला तक नहीं डाला गया है और न ही साइट पर कोई मजदूर या मशीन दिखाई दे रही है.

नवटोल निवासी एवं पूर्व जदयू युवा प्रखंड अध्यक्ष मोनू चौधरी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि ठेकेदार ने सिर्फ योजना का बोर्ड टांगकर खानापूर्ति कर ली है. रोज स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों, अपनी फसलों को बाजार ले जाने वाले किसानों और मरीजों को इस बदहाल पगडंडी नुमा सड़क से गुजरना पड़ता है. आए दिन बाइक सवार इन गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं.

एम्बुलेंस तक आने में लाचारी

वहीं, रोहार महमूदा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि पृथ्वी चंद्र ने बताया कि यह मुख्य सड़क रोहार और महमूदा सहित दर्जनों गांवों को सीधे बिरौल प्रखंड मुख्यालय से जोड़ती है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों और जलजमाव के कारण आपातकालीन स्थिति में गांव के भीतर एम्बुलेंस तक नहीं आ पाती है, जिससे गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की जान पर बन आती है.

चक्का जाम करेंगे ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि जून का महीना आ चुका है और कुछ ही दिनों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो जाएगा. अगर बारिश से पहले मिट्टी भराई और कंक्रीटिंग का बुनियादी ढांचा तैयार नहीं हुआ, तो पूरी सड़क दलदल में बदल जाएगी और यह योजना एक साल के लिए फिर ठंडे बस्ते में चली जाएगी. लोगों ने दरभंगा के जिलाधिकारी (DM) और ग्रामीण कार्य विभाग के वरीय अधिकारियों से मांग की है कि लापरवाह संवेदक पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए तुरंत नए सिरे से काम शुरू कराया जाए. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य धरातल पर नहीं दिखा, तो वे अनुमंडल मुख्यालय का घेराव कर चक्का जाम करेंगे.

संवेदक का लाइसेंस रद्द करने की तैयारी

इस गंभीर मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल बिरौल के कार्यपालक अभियंता बालेश्वर राम ने बताया कि विभाग इस लापरवाही को लेकर बेहद गंभीर है. निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य प्रारंभ करने के लिए संवेदक को कई बार नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उनकी ओर से काम में कोई रुचि नहीं दिखाई गई.

कार्यपालक अभियंता ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य में घोर शिथिलता और नियमों के उल्लंघन के आरोप में उक्त संवेदक (लोहा कन्स्ट्रक्शन प्रा. लि.) का लाइसेंस विखंडित (रद्द) करने तथा उसे हमेशा के लिए काली सूची (Blacklist) में डालने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता और सचिव को आधिकारिक कड़ा पत्र भेज दिया गया है. जल्द ही इस सड़क का निर्माण सुनिश्चित कराने के लिए वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था की जाएगी.

दरभंगा के बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट

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