मोंथा तूफान ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी

मोंथा चक्रवाती तूफान के कारण बीते दिनों से बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में खड़ी धान की फसल जो तैयार हो चुकी थी.

By AMLESH PRASAD | October 31, 2025 10:55 PM

ब्रह्मपुर. मोंथा चक्रवाती तूफान के कारण बीते दिनों से बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में खड़ी धान की फसल जो तैयार हो चुकी थी. भीगने के साथ हवा से गिर गयी है. पानी व हवा से धान की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है. गुरुवार व शुक्रवार को पूरे दिन बारिश होती रही. इससे दिन में ही लोगों को कंपकपी का एहसास हुआ. तैयार धान की फसल सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है. इस समय जिले के खेतों में धान की फसल लगभग तैयार अवस्था में है. कई किसानों ने कटाई का काम शुरू करने के तैयारी में थे. वहीं कई जगहों पर फसल केवल कुछ दिनों में कटने वाली थी. अचानक हुई बारिश से खेतों में पानी होने कि संभावना है. पानी होने के वजह से फसलें झुकने लगी हैं. कटाई करने से पहले ही अगर खेत में पानी भर गया है़ जिससे फसल सड़ने का डर है.

सब्जी की खेती में भारी नुकसान : इलाकों में किसानों ने सब्जियों की खेती भी की है. इनमें टमाटर, बैंगन, गोभी, मिर्च और फूलगोभी जैसी फसलें शामिल हैं. लेकिन लगातार हो रही बारिश और नमी के कारण सब्जी की फसलें गल भी सकती है़ अनिल चौधरी का कहना है कि चौधरी ने बताया कि इस बार उन्होंने दो बीघे में टमाटर की खेती की थी. लेकिन तूफान के कारण पौधे गिर गए और टमाटर फट गये हैं. उन्होंने कहा, पिछले साल भी इसी समय बारिश ने नुकसान पहुंचाया था, अब फिर वही हाल हो गया.

रवि फसल की बुआई पर भी पड़ेगा असर : मोंचा तूफान के कारण बारिश भले ही किसानों को फिलहाल नुकसान पहुंचा रही है, लेकिन इसका असर आने वाले सीजन पर भी दिखेगा. बारिश से खेतों में नमी बढ़ जायेगी, जिससे गेहूं और चना जैसी रवि फसलों की बुआई प्रभावित होगी. कृषि विभाग के अनुसार, अत्यधिक नमी वाले खेतों में बुआई करने से बीज गलने की संभावना रहती है. इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि जब तक खेतों की ऊपरी परत सूख न जाये, तब तक बुआई से बचें.

बोयी गयी फसलों के नुकसान की बढ़ी आशंका : किसानों के अनुसार ज्यादा बारिश हुई तो हाल ही में बाेयी गयी आलू, मटर, चना, सरसों, चना आदि के खराब होने की आशंका बढ़ गयी है. इस समय आलू, मटर, चना व सरसों आदि फसलों की बोआई हो रही है.

क्या कहते हैं लोग

जिन खेतों में पानी भरा है और धान गिर गया है या फसल कटी है. धूप नहीं निकलने और बारिश होने से धान जमना शुरू हो जायेगा. एक भी दाना घर लाना मुश्किल हो जायेगा. 31 अक्टूबर- फोटो- 23- प्रदीप कुशवाहा

बारिश के चलते कटाई का कार्य नहीं हो पा रहा है. अगर ज्यादा बारिश हुई तो प्रति बीघा 15 क्विंटल धान की उपज करीब 32 हजार रुपये से अधिक का नुकसान होगा. बोयी गयी तिलहन व दलहन की फसलों के खराब होने की आशंका है. 31 अक्टूबर- फोटो- 24- बिरेंद्र यादव

धान की फसलों की कटाई बाधित है. जो फसल खड़ी है, उनमें अभी नुकसान नहीं है. अगर ज्यादा बारिश हुई तो वह भी फसल खराब हो जायेंगी. 31 अक्टूबर- फोटो- 25- हरेंद्र महतो

बारिश ने सारे अरमानों पर पानी फेर दिया. आधे फसल को नुकसान पहुंचा है. दो पहले आलू की बुआई हुई थी जो पानी के कारण अब सड़क जायेंगे. 31 अक्टूबर- फोटो- 26- बब्लू साह

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