हाई-टेक हॉर्टिकल्चर से समृद्ध होंगे किसान, वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय डुमरांव में तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू
यह आवासीय कार्यक्रम इन अधिकारियों और किसानों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करेगा.
डुमरांव. स्थानीय वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय में संरक्षित खेती के माध्यम से उन्नंत बागवानी विषय पर तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया. बिहार कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती), पटना द्वारा प्रायोजित इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ पारस नाथ के दिशानिर्देश में आयोजित हुआ. कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ डीके सिंह द्वारा किया गया, जिन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बदलती जलवायु और सीमित संसाधनों के बीच उच्च तकनीक वाली बागवानी ही किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का सबसे प्रभावी माध्यम है.
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें बिहार के 17 विभिन्न जिलों से प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. प्रतिभागियों में पटना, आरा, भोजपुर, औरंगाबाद और गया जी जैसे प्रमुख जिलों के सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी और क्षेत्र के कई प्रगतिशील किसान भी शामिल हैं. यह आवासीय कार्यक्रम इन अधिकारियों और किसानों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करेगा, जिससे आधुनिक कृषि तकनीकों को गांव के अंतिम खेत तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, कार्यक्रम का सफल उद्घाटन पाठ्यक्रम समन्वयक कुमारी नंदिता की देखरेख में किया गया जबकि मंच संचालन डॉ. सुमन लता ने किया. प्रशिक्षण सत्रों के दौरान महाविद्यालय के वैज्ञानिकों डॉ कमल कांत, डॉ प्रणव पांडेय, डॉ अंजना अरुण, डॉ अभिनव कुमार सिंह एवं डॉ सुदीपा कुमार झा ने प्रतिभागियों को तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया.
