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Home बिहार बक्सर पलियां में पेयजल संकट गहराया : दर्जनों चापाकल खराब, दूषित पानी पीने को मजबूर

पलियां में पेयजल संकट गहराया : दर्जनों चापाकल खराब, दूषित पानी पीने को मजबूर

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पलियां में पेयजल संकट गहराया : दर्जनों चापाकल खराब, दूषित पानी पीने को मजबूर
खराब चापाकल.

Buxar News : (विनोद कुमार सिंह) प्रखंड की पलियां पंचायत के कई गांवों में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है. पीएचईडी विभाग की लापरवाही के कारण दर्जनों चापाकल महीनों से खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

इन गांवों में बंद पड़े हैं चापाकल

बुढ़ाडीह, सौरी, पलियां, गोसाईंपुर, ओरा, राजापुर, पिठारी समेत कई गांवों में चापाकल बंद पड़े हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि खराब चापाकलों की मरम्मत के लिए कई बार विभाग को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

दूषित पानी से बीमारी फैलने का खतरा

भीषण गर्मी के कारण जो कुछ चापाकल चालू हैं, उनका जलस्तर भी लगातार नीचे जा रहा है. ऐसे में ग्रामीणों को मजबूरी में कुओं और अन्य स्रोतों का दूषित पानी पीना पड़ रहा है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है.

आरोप : विभागीय अनदेखी से बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचईडी विभाग की अनदेखी के कारण स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. पंचायत में हर घर नल-जल योजना भी पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई है.

ग्रामीणों की मांग

स्थानीय समाजसेवियों और ग्रामीणों ने जल्द से जल्द खराब चापाकलों की मरम्मत कराने और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.

पीएचईडी विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गर्मी के इस मौसम में जल संकट और भी गंभीर हो सकता है.

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राजीव कुमार कंटेंट राइटर राजीव कुमार प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं. खबरों के संपादन के क्षेत्र में उनके पास तीन साल का अनुभव है. प्रभात खबर डिजिटल के पटना कार्यालय से जुड़ने से पहले वे भागलपुर में हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर अखबार की संपादकीय टीम में काम कर चुके हैं. बिहार की राजनीतिक, सामाजिक जीवन से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ रखते हैं. विशेषज्ञता राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है. पत्रकारिता अनुभव राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला.दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद प्रभात खबर डिजिटल में पारी की शुरुआत की. शिक्षा/पुरस्कार मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.
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