Buxar Transport Department Decision : बक्सर जिले में सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा अवैध परिवहन पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. अब जिले के सुदूर और सीमावर्ती इलाकों में भी परिवहन विभाग का चलंत दस्ता रात के समय पूरी तरह सक्रिय रहेगा. इस फैसले का उद्देश्य सड़क हादसों को कम करना और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है.
विभाग के नए निर्देश के अनुसार, चलंत सिपाही दस्ता पदाधिकारी के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य उच्च पथों और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर दिन-रात अभियान चलाएगा. खासकर देर रात और तड़के अवैध रूप से चलने वाले वाहनों, ओवरलोडिंग करने वाले ट्रकों और नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों पर विशेष नजर रखी जाएगी.
Buxar Police : दिन-रात चलेगा सघन चेकिंग अभियान
परिवहन विभाग के मुख्यालय ने बक्सर सहित राज्य के सभी जिला परिवहन कार्यालयों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसके तहत 24 घंटे चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, ताकि बिना परमिट चलने वाले वाहन, ओवरलोडिंग और अन्य यातायात उल्लंघनों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.
अधिकारियों का कहना है कि अक्सर अवैध वाहन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ग्रामीण और सीमावर्ती रास्तों से गुजरते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है. अब रात में भी निगरानी बढ़ने से ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा.
Buxar News : रात की ड्यूटी के लिए सिपाहियों को मिलेगा 3 हजार रुपये भत्ता
रात में ड्यूटी के दौरान सिपाहियों को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. चलंत दस्ते में तैनात सिपाहियों को अब 3 हजार रुपये प्रति माह ‘राशन मनी’ भत्ता दिया जाएगा. यह राशि उन्हें भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए मदद करेगी, जिससे वे बिना किसी असुविधा के अपनी ड्यूटी निभा सकें.
Transport Department : वित्त विभाग के संकल्प के तहत लागू हुआ आदेश
विभागीय अधिसूचना के मुताबिक यह भत्ता वित्त विभाग के संकल्प संख्या-8045, दिनांक 11 अक्टूबर 2017 के तहत दिया जाएगा. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और सिपाहियों को यह राशि हर महीने उनके वेतन के साथ सीधे खाते में दी जाएगी.
किन्हें नहीं मिलेगा भत्ता
नियमों के अनुसार, यदि कोई सिपाही 30 दिनों से अधिक समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है-जैसे लंबी छुट्टी, प्रशिक्षण या अन्य सरकारी कार्य में व्यस्त रहने की स्थिति में-तो उसे इस भत्ते का लाभ नहीं मिलेगा.
सड़क सुरक्षा के लिए अहम कदम
स्थानीय परिवहन अधिकारियों का मानना है कि यह फैसला सड़क सुरक्षा को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा. अब सुदूर इलाकों में भी निगरानी बढ़ने से न केवल अवैध परिवहन पर अंकुश लगेगा, बल्कि ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन के कारण होने वाले हादसों में भी कमी आएगी.
यह पहल बक्सर जिले में यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है.
