श्रावणी मेले पर ब्रह्मपुर नगर पंचायत सख्त, राजस्व नहीं तो खर्च नहीं-आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा फैसला

Buxar News : बक्सर के ब्रह्मपुर नगर पंचायत ने श्रावणी मेले को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. राजस्व वसूली का अधिकार नहीं मिलने पर खर्च से किया साफ इनकार. अतिथि गृह की आय को लेकर भी स्थिति बनी हुई है अस्पष्ट. नगर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सख्त कदम उठा रहा है प्रशासन.

By Ragini Sharma | June 27, 2026 1:15 PM

बक्सर से संतोष कांत की रिपोर्ट
Buxar News : नगर पंचायत ब्रह्मपुर अब विकास के लिए केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सख्त और ठोस कदम उठा रहा है. इसी कड़ी में आयोजित बोर्ड की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर आने वाले श्रावणी मेले और नगर के वित्तीय प्रबंधन पर पड़ेगा.

बैठक में सर्वसम्मति से यह बड़ा फैसला लिया गया कि यदि आगामी श्रावणी मेले में नगर पंचायत को राजस्व वसूली का अधिकार नहीं मिलता है, तो वह मेले के आयोजन और व्यवस्था पर कोई खर्च नहीं करेगी. यह निर्णय स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि अब नगर पंचायत बिना आय के खर्च करने के मूड में नहीं है.

अतिथि गृह पर भी संशय, वसूली को लेकर फंसा पेंच

बैठक में बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर परिसर में बने आधुनिक अतिथि गृह के संचालन को लेकर भी गहन चर्चा हुई. यह अतिथि गृह नगर पंचायत को हैंडओवर किया जा चुका है, लेकिन इसके संचालन और उससे मिलने वाले राजस्व को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है.

पार्षदों और मुख्य पार्षद ने साफ तौर पर कहा कि यदि अतिथि गृह से होने वाली आय पर नगर पंचायत का अधिकार नहीं होगा, तो उसके रखरखाव और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पाएगा. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस अतिथि गृह से राजस्व वसूली का अधिकार किस विभाग के पास रहेगा, जिससे इसके संचालन पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

आत्मनिर्भरता ही विकास का रास्ता

बैठक में यह भी महसूस किया गया कि नगर के समुचित विकास के लिए आंतरिक संसाधनों को मजबूत करना बेहद जरूरी है. श्रावणी मेला और अतिथि गृह जैसे संसाधन नगर पंचायत के लिए आय के महत्वपूर्ण स्रोत बन सकते हैं, बशर्ते इनके राजस्व पर स्थानीय निकाय का नियंत्रण हो.

क्या कहते हैं अधिकारी

कार्यपालक पदाधिकारी शिव शक्ति कुमार ने स्पष्ट कहा कि हम केवल सरकारी अनुदान के भरोसे नगर का विकास नहीं कर सकते. ब्रह्मपुर नगर पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आंतरिक स्रोतों से आय बढ़ाना बेहद जरूरी है. श्रावणी मेला और अतिथि गृह हमारे प्रमुख राजस्व स्रोत बन सकते हैं, लेकिन इसके लिए वसूली का अधिकार नगर पंचायत को मिलना अनिवार्य है.

नगर पंचायत के इस रुख से यह साफ संकेत मिल रहा है कि अब स्थानीय निकाय अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा. यह पहल न केवल वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देगी, बल्कि भविष्य में नगर के विकास की नई दिशा भी तय करेगी.

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