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समन्वय से ही संभव बाल श्रम उन्मूलन : अध्यक्ष

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समन्वय से ही संभव बाल श्रम उन्मूलन : अध्यक्ष

बिहारशरीफ. बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार की अध्यक्षता में जिले में बाल श्रम उन्मूलन एवं विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में श्रम, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे. समीक्षा के दौरान अध्यक्ष ने बाल श्रम को एक गंभीर सामाजिक कुव्यवस्था बताते हुए इसके खिलाफ सभी विभागों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल छापेमारी या बचाव अभियान ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि विमुक्त बच्चों के समुचित पुनर्वास को सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है. अध्यक्ष ने कहा कि अधिकांश मामलों में आर्थिक और सामाजिक विषमताएं ही बच्चों को मजदूरी की ओर धकेलती हैं. ऐसे में जरूरतमंद परिवारों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से प्राथमिकता के आधार पर जोड़ना अनिवार्य है, ताकि बाल श्रम की जड़ को खत्म किया जा सके.

उन्होंने श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि पूरे जिले में सघन रूप से धावा दल (रेड टीम) का संचालन किया जाए, जिससे बाल श्रम में संलिप्त बच्चों की पहचान कर उन्हें मुक्त कराया जा सके. साथ ही, मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया का नियमित और प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये गये. बैठक में यह भी तय किया गया कि श्रम विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग आपसी समन्वय के साथ एक संरचनात्मक एवं सकारात्मक रणनीति अपनायेंगे, जिससे नालंदा को बाल श्रम मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सके. अंत में सभी विभागों ने संयुक्त संकल्प लिया कि ठोस कार्रवाई, बेहतर निगरानी और प्रभावी पुनर्वास के जरिए जिले को बाल श्रम से मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जायेगा.

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