[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बिहारशरीफ नालंदा सदर अस्पताल में गोली लगे मरीज को बिना इलाज किया रेफर, 48 में से 21 डॉक्टर मिले गायब

नालंदा सदर अस्पताल में गोली लगे मरीज को बिना इलाज किया रेफर, 48 में से 21 डॉक्टर मिले गायब

0
नालंदा सदर अस्पताल में गोली लगे मरीज को बिना इलाज किया रेफर, 48 में से 21 डॉक्टर मिले गायब
अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान की तस्वीर

नालंदा से रणजीत सिंह की रिपोर्ट

Nalanda Sadar Hospital Surprise Inspection News: नालंदा जिला अंतर्गत स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाली खबर सामने आई है. मुहर्रम जैसे अत्यधिक संवेदनशील और अलर्ट वाले मौके पर भी बिहारशरीफ के मॉडल सदर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे नजर आई. शुक्रवार की रात जिलाधिकारी (डीएम) उदिता सिंह के विशेष निर्देश पर जब अपर समाहर्ता राजीव रंजन कुमार सिन्हा और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रंजन कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, तो वहां बड़े पैमाने पर चल रही अनियमितताओं की पोल खुल गई. इस बड़ी छापेमारी के बाद जिले के डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है.

Image 1587
अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान की तस्वीर

इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की कमी, OT पूरी तरह सूना

अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने सबसे पहले इमरजेंसी विभाग का रुख किया, जहां सुरक्षा और इलाज के दावों की धज्जियां उड़ती दिखीं. जांच के समय आकस्मिक विभाग में केवल डॉ. संत कुमार, डॉ. महेंद्र कुमार और डॉ. सावन सुमन ही ड्यूटी पर मुस्तैद मिले. सबसे हैरान करने वाली स्थिति ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की रही, जहां मुहर्रम को लेकर हाई अलर्ट और रेडी मोड के आदेश के बावजूद ड्यूटी पर तैनात डॉ. संजीव कुमार और डॉ. राजीव रंजन पूरी तरह गायब थे.

Image 1588
अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान की तस्वीर

जांच में 48 में से 21 डॉक्टर मिले अनुपस्थित

जब अधिकारियों ने डॉक्टरों की उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) और ड्यूटी रोस्टर का मिलान शुरू किया, तो प्रशासनिक धांधली का एक बड़ा मामला सामने आया. 26 जून के रिकॉर्ड के मुताबिक, अस्पताल में तैनात कुल 48 डॉक्टरों में से 21 डॉक्टर बिना किसी पूर्व सूचना या छुट्टी के अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए. मौके पर मौजूद डॉ. प्रियंका ने जब अधिकारियों को बताया कि उनकी रोस्टर ड्यूटी है, तो अस्पताल प्रबंधक बचाव में दो अलग-अलग रोस्टर दिखाने लगे. उपस्थिति पंजी और रोस्टर में कोई भी मेल नहीं होने के कारण ‘डबल रोस्टर’ के जरिए डॉक्टरों को बचाने का खेल उजागर हो गया.

Image 1589
अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान की तस्वीर

गोली लगे मरीज को बिना इलाज के किया गया पटना रेफर

इस औचक जांच में संवेदनहीनता का सबसे खौफनाक चेहरा तब सामने आया, जब पता चला कि मुहर्रम के दिन गोलीबारी में घायल हुए त्रिभुवन पंडित को सदर अस्पताल लाया गया था. लेकिन अस्पताल में किसी सर्जन के न होने की बात कहकर उन्हें सीधे पटना रेफर कर दिया गया.

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य मिला कि आकस्मिक विभाग की पंजी में घायल मरीज का नाम तक दर्ज नहीं किया गया था. इसके अलावा जनरल वार्ड में भर्ती मरीज सुधांशु कुमार, लड्डू कुमार और पूनम देवी ने अधिकारियों को रोते हुए बताया कि उन्हें रात का खाना तक नसीब नहीं हुआ.

प्रसूति वार्ड में 8 दिनों से भर्ती पूनम कुमारी को 26 जून को डिस्चार्ज तो कर दिया गया, लेकिन जरूरी दवाएं नहीं मिलने के कारण वे अस्पताल में ही रुकी रहीं, और डिस्चार्ज का बहाना बनाकर उनका खाना भी बंद कर दिया गया. एएनसी वार्ड की एक महिला मरीज जो उल्टी से परेशान थी, उसे अस्पताल प्रशासन द्वारा एक बर्तन तक मुहैया नहीं कराया गया था.

Image 1586
अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान की तस्वीर

7 सरकारी एंबुलेंस के परिचालन की कोई आधिकारिक पंजी नहीं

जब टीम ने अस्पताल में मौजूद वाहनों की जांच की, तो प्रबंधक ने बताया कि कुल 7 एंबुलेंस हैं, जिनमें से 2 अस्पताल में, 2 समाहरणालय में, 2 सीटी स्कैन खराब होने के कारण विम्स पावापुरी गई हैं और 1 सांप बिच्छू के मरीज को लेकर पटना गई है. लेकिन जब अधिकारियों ने एंबुलेंस परिचालन पंजी (लॉग बुक के अलावा मुख्य रजिस्टर) मांगी, तो प्रबंधक ने स्वीकार किया कि वे ऐसी कोई पंजी नहीं रखते हैं. इससे यह साफ नहीं हो सका कि कौन सी गाड़ी वास्तव में कहां गई थी.

इस पूरी बदहाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीएम उदिता सिंह ने सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधक को कड़ी फटकार लगाई है.

Image 1590
डीएम उदिता सिंह

डीएम ने सिविल सर्जन को सख्त अल्टीमेटम देते हुए रोजाना अस्पताल का निरीक्षण करने, डॉक्टरों का सही रोस्टर बनाकर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, सांप काटने की एंटी-वेनम दवाएं तुरंत उपलब्ध कराने, परिसर की गहन सफाई कराने और एंबुलेंस पंजी तुरंत तैयार करने का निर्देश दिया है. अनुपस्थित पाए गए सभी 21 डॉक्टरों और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

Also Read : ATM से नहीं निकला कैश तो हो जाएं सावधान! नालंदा में स्टील प्लेट गैंग के दो बदमाश रंगे हाथ गिरफ्तार

नालंदा में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट: 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बारिश की चेतावनी

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel