[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बिहारशरीफ गर्मजल कुंडों के संरक्षण को लेकर राजगीर में चिंतन-मंथन, जनजागरण अभियान की तैयारी

गर्मजल कुंडों के संरक्षण को लेकर राजगीर में चिंतन-मंथन, जनजागरण अभियान की तैयारी

0
गर्मजल कुंडों के संरक्षण को लेकर राजगीर में चिंतन-मंथन, जनजागरण अभियान की तैयारी

Bihar Sharif News : विश्व प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक नगरी राजगीर की सदियों पुरानी पहचान रहे गर्मजल के कुंडों और झरनों के अस्तित्व पर मंडरा रहे संकट को लेकर अब समाज जागरूक होने लगा है. राजगृह विकास समिति के बैनर तले आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस गंभीर विषय पर व्यापक चिंतन-मंथन किया.

22 गर्मजल कुंड और 52 प्राकृतिक धाराओं पर संकट, संरक्षण की उठी मांग

राजगीर की ऐतिहासिक एवं वैश्विक धरोहर को बचाने के लिए चरणबद्ध जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया. बैठक में वक्ताओं ने कहा राजगीर पंच पहाड़ियों, धरोहरों और प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए विख्यात है. 22 गर्मजल कुंडों और 52 प्राकृतिक धाराओं के लिए प्रसिद्ध राजगीर सदियों से देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण रहा है. लेकिन विगत कुछ दसकों में एक-एक कर कई कुंड और झरने सूखते जा रहे हैं.

प्रशासनिक पहल के अभाव में संकट में राजगीर की ऐतिहासिक धरोहर

इससे इस प्राचीन धरोहर का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।गंगा-यमुना कुंड, अनंत ऋषि कुंड, व्यास कुंड, मार्कण्डेय कुंड, गोदावरी कुंड, दुखहरणी कुंड, भरत कूप कुंड, शालिग्राम कुंड सहित कई प्रमुख कुंड पूरी तरह सूख चुके हैं. इसके बावजूद अब तक न तो प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी पहल हुई है और न ही व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया है. बैठक में संत औचित्यानन्द महाराज ने कहा कि यह केवल प्राकृतिक संसाधनों का नहीं, बल्कि राजगीर की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का भी प्रश्न है.

धरोहर संरक्षण पर मंथन, डीप लेवल बोरिंग पर उठे सवाल

उन्होंने इस धरोहर को बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर आगे आने की अपील की। बैठक में विशेषज्ञों और उपस्थित लोगों ने कुंडों के सूखने के संभावित कारणों पर विस्तार से चर्चा की। कम वर्षा, भेलवाड़ोभ जलाशय की वर्षों से उड़ाही नहीं होना, कुंड क्षेत्र के आसपास बड़े पैमाने पर डीप लेवल बोरिंग तथा तेजी से बढ़ रहे कंक्रीट निर्माण को इसके प्रमुख कारणों में शामिल किया गया. वक्ताओं का कहना था कि इन कारणों से भूजल स्तर प्रभावित हो रहा है, जिसका सीधा असर गर्मजल स्रोतों पर पड़ रहा है. बैठक की अध्यक्षता मधुसूदन उपाध्याय तथा संचालन प्रो. सुधीर कुमार मालाकार ने किया.

कुंड संरक्षण को लेकर आंदोलन की तैयारी

सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि धरोहर संरक्षण के लिए शीघ्र ही चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी. साथ ही सरकार से भेलवाड़ोभ जलाशय की व्यापक खुदाई एवं उड़ाही कराने, कुंड क्षेत्र में डीप लेवल बोरिंग पर तत्काल रोक लगाने तथा पूरे मामले की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग शासन- प्रशासन से की गई. वक्ताओं ने सुझाव दिया कि आवश्यकता पड़ने पर देश के प्रतिष्ठित भूगर्भ वैज्ञानिकों के साथ-साथ विदेशी विशेषज्ञों की भी सेवाएं ली जाय, ताकि गर्मजल स्रोतों के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक समाधान तैयार हो सके.

बैठक में संत, जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञों ने संरक्षण के लिए रखे सुझाव

बैठक में स्वामी औचित्यानंद जी महाराज, संयोजक उमराव प्रसाद निर्मल, डॉ. सत्येंद्र प्रसाद, जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष अनीता गहलौत, लोजपा नेत्री मंजू देवी, भाजपा नेत्री संयुक्ता कुमारी, मीरा कुमारी, अनुज चौधरी, वार्ड पार्षद डॉ. अनिल कुमार, पूर्व पार्षद इंद्रमोहन सिंह निराला, भैया अजीत, भृगुपाल उपाध्याय, अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री सुधीर कुमार उपाध्याय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र उपाध्याय, अधिवक्ता रणविजय सिंह यादव, डॉ. अमित कुमार पासवान, डॉ. रमेश कुमार पान, सुरेंद्र यादव, उपेंद्र कुमार विभूति, अशोक यादव, पार्षद कविता कुमारी, उपेंद्र यादव, बालेश्वर चौधरी, विनय सिंह, राजाराम विद्यार्थी, ओमप्रकाश बादल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने भाग लिया और धरोहर संरक्षण के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए.

Also Read : मैगरा-डुमरिया बस पड़ाव पर मूलभूत सुविधा का अभाव, शौचालय के अभाव में मैगरा और डुमरिया बस स्टैंड पर बढ़ी परेशानी

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel