बिहार में कल से बदलेगा मौसम, सीमांचल के इन इलाकों में बारिश तो पटना में लू का अलर्ट

Bihar Weather: बिहार में अप्रैल महीने ने ही जेठ जैसी तपिश का एहसास करा दिया है. भीषण गर्मी के बीच अब मौसम करवट लेने जा रहा है. एक ओर सीमांचल के कुछ जिलों में हल्की बारिश की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर पटना समेत कई इलाकों में लू का खतरा और बढ़ने वाला है. ऐसे में लोगों के सामने राहत और चुनौती, दोनों एक साथ खड़ी हैं.

By Pratyush Prashant | April 16, 2026 8:10 AM

Bihar Weather: बिहार में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं. एक तरफ जहां सीमांचल के जिलों में बादलों की आवाजाही से राहत की उम्मीद जागी है, वहीं दूसरी तरफ पटना समेत दक्षिण बिहार के जिलों के लिए अगले 48 घंटे भारी पड़ने वाले हैं.

भीषण गर्मी और पछुआ हवाओं ने राज्य को भट्टी की तरह तपाना शुरू कर दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.

डेहरी बना सबसे गर्म शहर, 41 डिग्री के पार पहुंचा पारा

बुधवार को रोहतास का डेहरी इलाका प्रदेश का सबसे गर्म केंद्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. पटना, गया और औरंगाबाद जैसे जिलों में भी सूरज के तेवर तल्ख बने हुए हैं.

शुष्क पछुआ हवाओं के कारण हवा में नमी कम हो गई है, जिससे त्वचा को झुलसाने वाली गर्मी महसूस हो रही है. दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. पछुआ हवाओं ने गर्मी की तीव्रता को और बढ़ा दिया है, जिससे दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.

इन जिलों को मिलेगी राहत

भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने एक सुकून देने वाली भविष्यवाणी की है. 17 से 19 अप्रैल के दौरान उत्तर-पूर्वी बिहार के सीमांचल इलाकों, खासकर पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं.

यह बारिश बड़े पैमाने पर नहीं होगी, लेकिन स्थानीय स्तर पर चलने वाली ठंडी हवाएं उमस भरी गर्मी से थोड़ी निजात जरूर दिलाएंगी. इन जिलों में बादलों की आवाजाही से तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की जा सकती है.

18 अप्रैल से लू का येलो अलर्ट जारी

राहत की खबरों के बीच मौसम विभाग ने एक बड़ी चेतावनी भी दी है. 18 अप्रैल से दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में हीट वेव यानी लू का प्रकोप बढ़ने वाला है. बक्सर, भोजपुर, कैमूर और औरंगाबाद जैसे जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन क्षेत्रों में पारा सामान्य से 4 से 5 डिग्री अधिक रह सकता है. दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि गर्म हवाएं लू का कारण बन सकती हैं.

गर्मी में लापरवाही भारी पड़ सकती है

डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस भीषण गर्मी में खुद को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है. घर से बाहर निकलते समय सूती कपड़ों का उपयोग करें और सिर को ढक कर रखें. सत्तू, नींबू पानी और ओआरएस जैसे तरल पदार्थों का सेवन बढ़ा दें ताकि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न हो. खाली पेट धूप में निकलना हीट स्ट्रोक को न्योता दे सकता है, इसलिए सावधानी ही बचाव है.

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