पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ शकील अहमद के पटना आवास की बढ़ी सुरक्षा, यूथ कांग्रेस के विरोध अलर्ट के बाद प्रशासन सतर्क

Bihar Politics: कांग्रेस छोड़ने के बाद क्या डॉ शकील अहमद की सुरक्षा खतरे में है? यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन और घेराव की चेतावनी के बाद पटना में उनके आवास पर अचानक बढ़ी पुलिस तैनाती ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है.

By Pratyush Prashant | January 27, 2026 12:53 PM

Bihar Politics: पूर्व कांग्रेसी वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री डॉ शकील अहमद के पटना स्थित आवास पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. यूथ कांग्रेस की ओर से विरोध, घेराव और संभावित हमले की सूचना मिलने के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है.

फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के एकता नगर स्थित उनके आवास पर पुलिस की कई टीमें तैनात कर दी गई हैं और लगातार निगरानी की जा रही है.

यूथ कांग्रेस के अलर्ट के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

डॉ शकील अहमद ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि यूथ कांग्रेस की ओर से उनके पटना और मधुबनी स्थित आवास पर विरोध प्रदर्शन और घेराव की योजना बनाई जा रही है. इस आशंका को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जिला प्रशासन को सूचित किया.

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरीय अधिकारियों के निर्देश पर उनके आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई. आसपास के इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके.

सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों से बढ़ी चिंता

डॉ शकील अहमद ने कहा कि यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सोशल मीडिया पर उनके आवास को घेरने और विरोध करने की बात सार्वजनिक रूप से कही गई है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने इसे एक जिम्मेदार राजनीतिक संगठन की कार्यशैली के खिलाफ बताया. उनका कहना है कि जब वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं के खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग होता है, तो यह लोकतांत्रिक राजनीति के लिए चिंताजनक संकेत है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ शकील अहमद के पटना आवास की बढ़ी सुरक्षा, यूथ कांग्रेस के विरोध अलर्ट के बाद प्रशासन सतर्क 2

राहुल गांधी के साथ लंबे राजनीतिक रिश्ते का जिक्र

डॉ शकील अहमद ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के साथ जमीन से लेकर हवाई जहाज तक कई यात्राएं की हैं और पार्टी को मजबूत करने को लेकर घंटों चर्चा की है. लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया. यही वजह रही कि करीब दो महीने पहले उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला किया

उन्होंने बताया कि कांग्रेस के साथ उनका 41 वर्षों का राजनीतिक सफर रहा है. संगठन और सरकार में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. राजनीति में भी वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, जैसे किसी पेशे में वर्षों बाद लोग अपने फैसले बदलते हैं. उन्होंने साफ किया कि उनका फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत और वैचारिक है.

कांग्रेस छोड़ी, लेकिन सोच आज भी पार्टी की मजबूती की

डॉ शकील अहमद ने कहा कि उन्होंने हमेशा सार्वजनिक मंच से कहा था कि वे मरते दम तक कांग्रेसी रहेंगे और अंतिम वोट भी कांग्रेस को देंगे. आज उसी पार्टी से जुड़े लोगों की ओर से विरोध और धमकी मिलना बेहद दुखद है. इसके बावजूद वे कांग्रेस की मजबूती के लिए ही सोचते रहेंगे.

प्रशासन अलर्ट, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस पूरी तरह सतर्क है. संबंधित थाना को सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है.

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