Bihar One Stop Center Female Guard: बिहार में हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है. समाज कल्याण विभाग राज्य के वन स्टॉप सेंटरों में महिला गार्ड की तैनाती की तैयारी कर रहा है, ताकि पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके.
61 वन स्टॉप सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था होगी बेहतर
राज्य में कुल 61 वन स्टॉप सह सखी सेंटर संचालित हो रहे हैं, जहां अभी रात में पुरुष गार्ड की तैनाती है. इसी कारण कई बार पीड़ित महिलाएं वहां रुकने से हिचकती हैं. नई व्यवस्था के तहत अब महिला गार्ड की नियुक्ति की जाएगी, जिससे सुरक्षा और भरोसा दोनों बढ़ेगा.
रात में रुकने की सुविधा पर लगा ब्रेक
वर्तमान में वन स्टॉप सेंटर में पांच बेड की सुविधा होने के बावजूद महिलाओं (Women Safety) को रात में ठहराने में दिक्कत आती है. सुरक्षा की कमी के कारण कई जगह पीड़ित महिलाओं को अन्य आश्रय स्थलों जैसे शांति कुटीर में भेजना पड़ता है.
अल्पावास गृह और शांति कुटीर की स्थिति
राज्य के कई जिलों में अल्पावास गृह या तो बंद हो चुके हैं या सीमित रूप से चल रहे हैं. पटना में दो शांति कुटीर संचालित हैं, जहां दर्जनों महिलाओं को रखा जाता है. इनमें बड़ी संख्या में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं शामिल रहती हैं.
महिला गार्ड भर्ती की योजना पर तेजी से काम
समाज कल्याण विभाग का कहना है कि महिलाओं को प्रशिक्षित कर ही गार्ड के रूप में तैनात किया जाएगा. इससे वन स्टॉप सेंटर में आने वाली पीड़ित महिलाओं को बेहतर सुरक्षा (Female Guard) और भरोसेमंद माहौल मिलेगा.
Bihar One Stop Center Female Guard: वन स्टॉप सेंटर की भूमिका और विस्तार
वन स्टॉप सेंटर की शुरुआत देश में निर्भया कांड के बाद की गई थी, ताकि महिलाओं को एक ही जगह पर कानूनी, मेडिकल और सुरक्षा सहायता मिल सके. बिहार में वर्तमान में 61 सेंटर संचालित हैं, जिन्हें और प्रभावी बनाने की दिशा में यह नया कदम उठाया जा रहा है.
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