मोबाइल टावर लगाने की प्रक्रिया तेज, लंबित आवेदनों का निपटारा 30 सितंबर तक अनिवार्य
Bihar Mobile Tower Rules: बिहार सरकार ने मोबाइल टावर और ऑप्टिकल फाइबर परियोजनाओं को गति देने के लिए सभी लंबित आवेदनों का निपटारा 30 सितंबर 2026 तक करने का निर्देश दिया है. 1 जुलाई से आने वाले नए आवेदनों पर 45 दिनों में फैसला होगा.
Bihar Mobile Tower Rules: बिहार में मोबाइल टावर और ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने बड़ा निर्देश जारी किया है. राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को 31 मार्च 2026 तक लंबित सभी आवेदनों का निस्तारण 30 सितंबर 2026 तक हर हाल में पूरा करने को कहा गया है.
यह निर्देश ई-सर्विस डॉट पोर्टल पर लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जारी किया गया है.
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संयुक्त सचिव ने जारी किया आदेश
नगर विकास एवं आवास विभाग के संयुक्त सचिव संजय कुमार ने सभी नगर आयुक्तों और कार्यपालक पदाधिकारियों को पत्र भेजकर समय-सीमा का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है.
पत्र में कहा गया है कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि दूरसंचार परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो.
1 जुलाई से आने वाले आवेदनों पर 45 दिनों में फैसला
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 1 जुलाई 2026 से 15 नवंबर 2026 के बीच ई-सर्विस डॉट पोर्टल पर प्राप्त होने वाले सभी नए आवेदनों का निस्तारण 45 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा.
सभी स्थानीय निकायों को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने से एक सप्ताह पहले विभाग को अनुपालन रिपोर्ट भी उपलब्ध कराएं.
जनवरी 2025 से लागू है नई नियमावली
विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत दूरसंचार (मार्ग का अधिकार) नियमावली, 2024 अधिसूचित की थी.
बिहार सरकार ने इस नियमावली को 1 जनवरी 2025 से लागू कर दिया. इसके साथ ही पहले लागू बिहार मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल एवं संबंधित दूरसंचार अवसंरचना नियमावली, 2020 को निरस्त कर नई व्यवस्था लागू कर दी गई.
डिजिटल कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
नई व्यवस्था का उद्देश्य मोबाइल टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल और अन्य दूरसंचार अवसंरचना से जुड़े आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है.
सरकार का मानना है कि इससे दूरसंचार परियोजनाओं में तेजी आएगी, मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता बेहतर होगी और राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी.
