अस्पताल तड़पते रहे तीन मरीज, 9 बजे भागे-भागे पहुंचे चिकित्सक
मधुसुदनपुर थानाक्षेत्र के भिमकित्ता से विनोद यादव की बेटी कंचन कुमारी मां पिता और भाई को लहुलुहान अवस्था मे लेकर पहुंची थी रेफरल अस्पताल
डाक्टर बोले चाय पीने गये थे ,मरीज बोले 9 बजे आये डाक्टर
भागलपुर के नाथनगर से रिपोर्ट,
रेफरल अस्पताल नाथनगर अपने नये नये कारनामों के चलते लगातार सुर्खियों में है. रविवार सुबह मधुसुदनपुर थानाक्षेत्र के भिमकित्ता से विनोद यादव कि बेटी कंचन कुमारी अपनी मां पिता और भाई को लहुलुहान अवस्था मे लेकर यह सोचकर रेफरल आयी कि इमरजेंसी में उनके परिजनों का इलाज जल्दी हो जाएगा. पर सुबह ड्यूटी पर डाक्टर तैनात नही थे. खून से लतपथ तीनों मरीज काफी देर तक तड़पते रहे. करीब 9 बजे सुबह डाक्टर आए .जब पत्रकारों का कैमरा चमका तो डाक्टर नवीन कुमार ने आननफानन में बाइक से उतरकर हेलमेट खोलकर ड्यूटी में लगे.पड़ोसी से विवाद में मारपीट में हुए थे घायल
मरीज की बेटी कंचन ने बताया कि उनके माता,पिता व भाई की पडोसी से विवाद हो गया था जिसमें पड़सी ने मारकर माथा, कपाड़ व हाथ तोड दिया. तीनों मरीज खुन से लथपथ थे और रेफरल में जल्द इलाज कि उम्मीद लेकर आयी थी पर अस्पताल मे करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद डाक्टर 9 बजे आए.उधर डाक्टर नवीन कुमार ने अपने बचाव मे कहा कि वो सुबह 8:00 बजे अपनी ड्यूटी मे आ गये थे.वो चाय पीने बगल में चले गये थे इसलिए थोडा बिलंब हुआ. ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि ड्यूटी के दौरान इतना लेट बाहर जाकर चाय पीना कहाँ तक उचित है.सवाल ये भी उठ रहा है कि डाक्टर कि गैर मौजूदगी मे आखिर मरीज जाए तो कहां ?
