मुख्य बातें:
भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Shravani Mela Special Train: भागलपुर को सीमांचल और कोसी क्षेत्र से जोड़ने वाले लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्पन्न हुए गंभीर यातायात संकट के बीच रेल मंत्रालय की ओर से एक बड़ी और राहत भरी खबर आ रही है. सेतु पर सड़क संपर्क बुरी तरह बाधित होने के बाद आम जनता, दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और किसानों की सुविधा के लिए शुरू की गई ‘भागलपुर-कटिहार अनारक्षित स्पेशल ट्रेन’ को अब आगामी विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के समापन तक चलाने की तैयारी तेज हो गई है. रेलवे बोर्ड के सूत्रों के अनुसार, जनहित और कांवड़ियों की सुगमता को देखते हुए इस ट्रेन के फेरों (एक्सटेंशन) को मेला अवधि तक बढ़ाने की प्रशासनिक स्वीकृति जल्द मिलने वाली है.
बेली ब्रिज से बसों की नो-एंट्री; नेपाल और अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं को रेलवे का सहारा
- भारी वाहनों पर प्रतिबंध: पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से के समानांतर तात्कालिक व्यवस्था के तहत ‘बेली ब्रिज’ (Bailey Bridge) का निर्माण तो किया गया है, लेकिन सुरक्षा कारणों से इससे बसों, ट्रकों और अन्य बड़े/भारी वाहनों के परिचालन की सख्त मनाही है.
- अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय रूट प्रभावित: अमूमन हर साल श्रावणी मेले के दौरान नेपाल, काठमांडू सहित देश के विभिन्न राज्यों (जैसे पश्चिम बंगाल और असम) से शिवभक्त और कांवड़िए बड़ी-बड़ी बसों व निजी वाहनों में सवार होकर विक्रमशिला सेतु के रास्ते सुल्तानगंज और देवघर जाते थे. लेकिन इस बार पुल से बसों की नो-एंट्री के कारण सड़क मार्ग का यह पारम्परिक रूट पूरी तरह ठप रहेगा.
- परिवहन का इकलौता सेतु: इस अप्रत्याशित संकट काल में भागलपुर-कटिहार स्पेशल ट्रेन सीमांचल के कांवरियों के लिए एकमात्र लाइफलाइन यानी वरदान साबित होगी. कटिहार, पूर्णिया और नवगछिया की ओर से आने वाले श्रद्धालु इस ट्रेन के जरिए सीधे भागलपुर जंक्शन पहुंचेंगे और यहाँ से सुल्तानगंज (अजगैबीनाथ धाम) के लिए प्रस्थान कर सकेंगे.
Shravani Mela Special Train: संकट काल में शुरू हुई थी सेवा, अब श्रावणी मेले में देगी महा-राहत
गौरतलब है कि जब विक्रमशिला सेतु पर अचानक आवागमन पूरी तरह ठप हुआ था, तब सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से भागलपुर शहर आने वाले कार्यालय कर्मचारियों, दूध-सब्जी विक्रेताओं और स्कूली बच्चों के सामने आवाजाही का गंभीर संकट खड़ा हो गया था.
रेलवे प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तात्कालिक तौर पर इस रूट पर स्पेशल ट्रेन सेवा बहाल की थी, जिसे समय-समय पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए लगातार सेवा विस्तार दिया जाता रहा है. अब जबकि श्रावणी मेला बेहद नजदीक है, पूर्व रेलवे मालदा मंडल इस विशेष अनारक्षित रैक को पूरी तरह सुसज्जित कर मेला स्पेशल के रूप में चलाने का मन बना चुका है. इससे न केवल आम यात्रियों को बल्कि कटिहार रेल डिवीजन से होकर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुल्तानगंज पहुंचने में बेहद कम समय और न्यूनतम खर्च उठाना पड़ेगा.
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कांवड़ सेवा समितियों ने रेलवे के इस संभावित फैसले का स्वागत करते हुए मांग की है कि श्रावणी मेले के दौरान इस ट्रेन के फेरों में और बढ़ोतरी की जाए और इसके समय सारणी को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाए जिससे कांवड़ियों को सुबह के समय गंगा जल उठाने के लिए सुल्तानगंज पहुंचने में कोई असुविधा न हो. फिलहाल, बेली ब्रिज के भरोसे बड़े वाहनों का लोड न ले पाने की लाचारी के बीच भारतीय रेल का यह कदम पूरे सीमांचल और भागलपुर प्रमंडल के लिए सबसे बड़ा सहारा बनने जा रहा है.
