सुलतानगंज से शुभंकर की रिपोर्ट
Shravani Mela 2026 Sultanganj: श्रावणी मेला-2026: ‘बोलबम’ यात्रा को आसान बनाने के लिए श्रद्धालुओं ने दिए 10 बड़े सुझाव विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों के बीच लाखों शिवभक्तों की सुविधा को लेकर स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. उनका कहना है कि यदि इन सुझावों पर अमल किया जाए तो बाबा अजगैबीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बन सकती है.
प्रमुख जानकारी
हर वर्ष लाखों कांवरिया सुलतानगंज स्थित उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर पैदल बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं. श्रावणी मेले के दौरान रेलवे और जिला प्रशासन विशेष व्यवस्थाएं करता है, लेकिन वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को अब भी कई बुनियादी सुविधाओं का इंतजार रहता है.
सालभर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग
स्थानीय सन्नी चौधरी, स्वप्निल झा, सुभाष पोद्दार, आलोक विनीत, शंभू कुमार और सुमन कुमार गुप्ता ने कहा कि सुलतानगंज स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों का ठहराव केवल श्रावणी मेले तक सीमित नहीं रहना चाहिए. वर्षभर हजारों श्रद्धालु बाबा अजगैबीनाथ के दर्शन और गंगाजल लेने आते हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण ट्रेनें यहां नहीं रुकतीं. इसके कारण यात्रियों को भागलपुर या जमालपुर उतरकर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है.
अमृत भारत स्टेशन के अनुरूप मिलें आधुनिक सुविधाएं
स्थानीय लोगों ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का स्वरूप बदला है और 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवरब्रिज भी लगभग तैयार है. अब जरूरत इस बात की है कि यात्रियों को उसी स्तर की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं.
उनका कहना है कि प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त शेड, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और भोजनालय जैसी सुविधाएं स्थायी रूप से उपलब्ध होनी चाहिए.
दोपहर में ट्रेन नहीं मिलने से बढ़ती है परेशानी
यात्रियों ने बताया कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच भागलपुर के लिए कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं रहती, जिससे यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है. इस समय एक पैसेंजर ट्रेन का परिचालन शुरू करने की मांग की गई है.
इसके अलावा देवघर-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन के लगातार विलंब से भी श्रद्धालुओं को परेशानी होती है. यात्रियों ने इसकी समयबद्धता सुनिश्चित करने की मांग की है.
पुराना टिकट काउंटर फिर से खोलने की मांग
स्थानीय लोगों ने सुझाव दिया कि पुराने स्टेशन भवन के पास जनरल टिकट काउंटर दोबारा शुरू किया जाए. नया स्टेशन भवन बनने के बाद टिकट लेने के लिए यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष कठिनाई होती है.
साथ ही मेला अवधि में स्टेशन के बाहर कंट्रोल रूम और पूछताछ केंद्र संचालित करने की भी मांग की गई है, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके.
सुरक्षा और स्वच्छता पर भी दिया जोर
लोगों ने कहा कि स्टेशन परिसर में स्थायी फूड प्लाजा या कैंटीन की व्यवस्था होनी चाहिए. पश्चिमी छोर के शौचालय की मरम्मत, पेयजल स्टॉल के आसपास जलजमाव की समस्या का समाधान और रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी आवश्यक है.
श्रावणी मेले के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने, अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण की भी मांग की गई.
स्टेशन पर गूंजे शिव भक्ति गीत
श्रद्धालुओं ने सुझाव दिया कि श्रावणी मेले के दौरान सुलतानगंज स्टेशन पर बाबा भोलेनाथ के भक्ति गीत और शिव धुन का प्रसारण किया जाए, ताकि बाबा नगरी पहुंचते ही श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हो.
इसके अलावा मेला स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, ट्रेनों के ठहराव का समय बढ़ाने और प्लेटफॉर्म पर शेड का विस्तार करने की भी मांग रखी गई.
प्रमुख सुझाव एक नजर में
- वर्षभर प्रमुख ट्रेनों का सुलतानगंज स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित किया जाए.
- दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच भागलपुर के लिए ट्रेन सेवा शुरू हो.
- प्लेटफॉर्म पर शेड और बैठने की व्यवस्था का विस्तार किया जाए.
- स्टेशन परिसर में स्थायी फूड प्लाजा या कैंटीन खोली जाए.
- पश्चिमी छोर के शौचालय की मरम्मत कर जलजमाव की समस्या दूर की जाए.
- स्टेशन परिसर और बाहर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए.
- मेला अवधि में अतिरिक्त सुरक्षा बल और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए.
- पुराने स्टेशन भवन के पास जनरल टिकट काउंटर दोबारा शुरू किया जाए.
- स्टेशन के बाहर कंट्रोल रूम एवं हेल्प डेस्क की व्यवस्था हो.
- स्टेशन परिसर में शिव भक्ति गीतों का प्रसारण किया जाए.
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन सुझावों को अमल में लाया जाता है तो सुलतानगंज केवल श्रावणी मेला ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है. इससे लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं की ‘बोलबम’ यात्रा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार बनेगी.
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