शेखपुरा में खेतों तक पहुंचे DM, किसानों की समस्याएं सुनीं, ड्रैगन फ्रूट खेती बढ़ाने पर दिए निर्देश
Shekhpura Horticulture News: शेखपुरा के डीएम शेखर आनंद ने उद्यान विभाग की योजनाओं का निरीक्षण किया. किसानों की शिकायत पर गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराने और ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए.
शेखपुरा(भागलपुर) से रिपोर्ट
Shekhpura Horticulture News: शेखपुरा में उद्यान विभाग की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी शेखर आनंद खुद खेतों तक पहुंचे. निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी किसानों से सीधे बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान खराब गुणवत्ता वाले पौधों की शिकायत और नीलगाय से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया.
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक सही तरीके से पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
धरसेनी गांव में किसानों की शिकायत पर तत्काल निर्देश
बरबीघा प्रखंड के धरसेनी गांव में जिलाधिकारी ने बागवानी विकास निश्चय योजना के तहत उच्च तकनीकी बागवानी परियोजना का निरीक्षण किया. यहां लाभार्थी किसान रामशंकर से बातचीत के दौरान पता चला कि फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (एफएलडी) के तहत शेडनेट में गोभी और बीजरहित खीरे की खेती की जा रही है.
किसान ने शिकायत की कि संबंधित कंपनी की ओर से गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे खेती प्रभावित हो रही है.
इस पर डीएम ने जिला उद्यान पदाधिकारी को निर्देश दिया कि किसान से लिखित आवेदन लेकर संबंधित कंपनी से जल्द गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए.
Shekhpura Horticulture News: ड्रैगन फ्रूट की खेती को मिलेगा बढ़ावा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अहियापुर गांव भी पहुंचे, जहां उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती का अवलोकन किया.
उन्होंने जिला उद्यान पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले में ड्रैगन फ्रूट जैसी लाभकारी बागवानी फसलों को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक किसानों को जागरूक किया जाए. साथ ही इच्छुक किसानों को इस खेती से जोड़ने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए.
प्रशासन का मानना है कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
नीलगाय से फसल नुकसान का मुद्दा भी उठा
फसल विविधीकरण योजना के तहत अधिक शुष्क बागवानी परियोजना के अंतर्गत भदरथी गांव में लगाए गए सेब, बेर और अन्य फलदार पौधों का भी निरीक्षण किया गया.
इस दौरान किसानों ने नीलगाय के कारण फसलों को हो रहे नुकसान की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी. किसानों का कहना था कि जंगली जानवरों के कारण उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
डीएम ने किसानों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
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योजनाओं की निगरानी पर प्रशासन का जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की कृषि और बागवानी योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना है. इसके लिए जरूरी है कि योजनाओं का लाभ समय पर और पूरी गुणवत्ता के साथ किसानों तक पहुंचे.
उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
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