bhagalpur news. भागलपुर टू मुंगेर : मरीन ड्राइव के लिए प्री-कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी शुरू

भागलपुर-मुंगेर के बीच गंगा किनारे प्रस्ताव मरीन ड्राइव का निर्माण कार्य शुरू होने में अभी कुछ वक्त लगेगा. वहीं चयनित एजेंसी ने प्री-कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज शुरू कर दी है.

By NISHI RANJAN THAKUR | April 13, 2026 11:55 PM

भागलपुर-मुंगेर के बीच गंगा किनारे प्रस्ताव मरीन ड्राइव का निर्माण कार्य शुरू होने में अभी कुछ वक्त लगेगा. वहीं चयनित एजेंसी ने प्री-कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज शुरू कर दी है. अलाइनमेंट पर जगह-जगह मशीनरी उपकरण से लगातार भू-स्थल की जांच की जा रही है, जिसको कोयला घाट से कुछ दूरी पर सहित अन्य जगहों पर देखा जा सकता है. वहीं चयनित एजेंसी को बिड वेलिडिटी 180 दिनों का मिला है, जिसको पूरा होने में अभी और कुछ दिन शेष है. इस दौरान उन्हें अपने फाइनेंसियल असेसमेंट की रिपोर्ट बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) को सौंपनी है. इसमें वह इस प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग दिखायेगा. इसके बाद मरीन ड्राइव के लिए अप्वाइंटमेंट डेट का निर्धारण होगा. फाइनेंसियल क्लाेजिंग के बाद मरीन ड्राइव का निर्माण कार्य आरंभ होगा. इससे पहले उन्हें फॉरेस्ट क्लियरेंस सहित अन्य सभी प्रकार का एनओसी लेना होगा. वहीं, 11 अप्रैल को अलाइनमेंट का हवाई सर्वेक्षण किया गया. अलाइनमेंट में बदलाव की संभावना जतायी गयी है. जल्द तय होगा किस दिशा से शुरू होगा काम हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि मरीन ड्राइव का निर्माण किस दिशा से होनी है. लेकिन अधिकारियों ने बताया कि जल्द इसको तय कर लिया जायेगा. बताया जाता है कि ज्यादातर उम्मीद मुंगेर की ओर से निर्माण का कार्य शुरू किया जा सकता है. वहीं, यह भी बताया जा रहा है कि मरीन ड्राइव का दो फेज में निर्माण होना है, तो भागलपुर और मुंगेर दोनों जिला के क्षेत्र में सुविधा अनुसार कार्य आरंभ किया जा सकता है. 9998 करोड़ की लागत से बनेगा मरीन ड्राइव पहले फेज में मुंगेर के हेरू दियारा से लेकर अजगैबीनाथ धाम सुलतानगंज तक 42 किलोमीटर गंगा पथ बनना है. इस पर लगभग 5119 करोड़ की खर्च आयेगी. जबकि दूसरे फेज में सुलतानगंज से भागलपुर होते हुए सबौर तक 48.08 किलोमीटर पथ का निर्माण होगा. जिसपर 4849 करोड़ की लागत आयेगी. यानी, करीब 90.08 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 9998 करोड़ रुपये खर्च होंगे. कोट मरीन ड्राइव का निर्माण कार्य फाइनेंसियल क्लोजिंग रिपोर्ट आने के बाद आरंभ होगा. यह चयनित एजेंसी की ओर से आता है, जिसमें उन्हें प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग दिखाना होता है. इसके बिड वेलिडिटी 180 दिनों की है, जिसको पूरा होने में अभी कुछ दिन बाकी है. इसके बाद अप्वाइंटमेंट डेट का निर्धारण होगा. हालांकि, एजेंसी की ओर से प्री-कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज शुरू कर दी है. बबलू कुमार, चीफ जनरल मैनेजर बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, पटना