श्रावणी मेला 2026 : कांवरियों को मिलेगी वीआइपी जैसी सुविधा, सीएम आज करेंगे हाइलेवल की मीटिंग

Shravani Mela 2026 Mega Plan:विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर बिहार सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में है. आज होने वाली हाईलेवल बैठक में कांवरियों की सुरक्षा, सुविधा और व्यवस्था को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं.

By AMIT KR SINHA | May 21, 2026 12:41 PM

सुलतानगंज,भागलपुर से डबलू की रिपोर्ट : सुलतानगंज से देवघर तक लगने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर आज पटना में बड़ी समीक्षा बैठक होने जा रही है. बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मेला क्षेत्र से जुड़े जिलों के डीएम, एसएसपी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों का फीडबैक लेंगे. बैठक में कांवरियों को बेहतर सुविधा देने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा.

गंगा घाट से झारखंड बॉर्डर तक फोकस

मिली जानकारी के अनुसार बैठक में सुलतानगंज गंगा घाट से लेकर झारखंड बॉर्डर तक कांवरियों के लिए सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा होगी. खासकर कच्ची कांवरिया पथ पर पेयजल, शौचालय, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की योजना तैयार की जा रही है.

स्थायी धर्मशाला और बड़े भवन की तैयारी

श्रावणी मेला में हर साल लाखों शिवभक्त देश-विदेश से पहुंचते हैं. बढ़ती भीड़ को देखते हुए कच्ची कांवरिया पथ पर स्थायी धर्मशाला निर्माण की योजना पर भी काम हो रहा है. इसके अलावा सुलतानगंज गंगा घाट पर एक बड़े भवन निर्माण को भी स्वीकृति मिल चुकी है, जिसका काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है.

सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक

बैठक में कांवरियों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फोकस रहेगा. प्रशासन घाटों, मुख्य मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की तैयारी में है. मेडिकल टीम, एंबुलेंस और आपदा राहत व्यवस्था को भी और मजबूत किया जाएगा.

अधिकारियों ने शुरू किया स्थल निरीक्षण

बैठक से पहले भागलपुर डीएम, एसएसपी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रारंभिक तैयारी की रूपरेखा तैयार कर ली है. विभागीय स्तर पर सड़क, बिजली, जलापूर्ति और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जा रही है.

कई विभागों की रहेगी बड़ी जिम्मेदारी

श्रावणी मेला को सफल बनाने में पर्यटन विभाग, पथ निर्माण विभाग, पीएचईडी विभाग, ऊर्जा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की अहम भूमिका रहेगी. सरकार इस बार मेले को और व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है.