कहलगांव थाना परिसर में शनिवार को जनता दरबार में प्रमोद कुमार एसएसपी भागलपुर ने लोगों की समस्याएं सुनीं. उन्होंने बताया कि प्रत्येक गुरुवार और शनिवार को जन संवाद कार्यक्रम हो रहा है. उन्होंने कहा कि भागलपुर जिले की लगभग 40 लाख की आबादी पर करीब 16 हजार पुलिस बल एवं पदाधिकारी विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जनता दरबार में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि पूर्व में तीन-चार वार्ड पर एक सेक्टर पदाधिकारी तैनात रहते थे, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान होता था. एसएसपी ने आश्वासन दिया कि पूर्व की तरह सेक्टर व्यवस्था में समन्वय स्थापित किया जायेगा. साप्ताहिक हाट के दिन एनएच व शहर की सड़कों पर लगने वाले जाम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. ओगरी पंचायत के सरपंच राजदेव पासवान ने लदमा गांव में खुलेआम शराब बिक्री की शिकायत की. डॉ प्रवीण राणा ने रसलपुर थाना की दूरी अधिक होने से शहर में जाम की समस्या बढ़ने की बात कही तथा पूर्व की तरह कहलगांव थाना का सीमांकन करने की मांग की. विजय कुमार यादव ने सड़क निर्माण कार्य से जाम लगने, मो रिजवान ने ऑटो-टोटो के बेतरतीब संचालन तथा प्रदीप कुमार पप्पू ने एनटीपीसी के भारी वाहनों से जाम की समस्या की शिकायत की. युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर सादे लिबास में पुलिस निगरानी की मांग की. मुखिया ब्रजेश पासवान ने 112 बाइक टीम पर आरोपित को छोड़ने का आरोप लगाया. पंसस बादल कुमार ने एनटीपीसी में कार्यरत मजदूरों को चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया. मामूली विवाद में भी कई निर्दोष लोगों का नाम केस में जोड़ देने से उन्हें चरित्र प्रमाण पत्र नहीं मिल पाता और नौकरी पर असर पड़ता है. एसएसपी ने थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि जांच में बेगुनाह लोगों का नाम हटाया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक किसी व्यक्ति को सजा नहीं हो जाती, तब तक केवल केस दर्ज होने के आधार पर उसे दोषी नहीं माना जायेगा. सजायाफ्ता व्यक्ति को चरित्र प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जायेगा. केरिया पंचायत के जयकांत शर्मा ने आरोप लगाया कि वारंट निर्गत होने के बावजूद आरोपित की गिरफ्तारी में टालमटोल की जा रही है. कन्हाई लाल यादव, अजय सिंह, मनोज यादव और ओम प्रकाश शर्मा ने जमीन संबंधी विवादों को उठाया. जाम की समस्या के समाधान के लिए ट्रैफिक पुलिस की अलग से व्यवस्था करने की मांग की.