कहलगांव में जीपीडीपी 2026-27 को लेकर लगा प्रशिक्षण शिविर, पंचायत विकास की रणनीति पर हुआ मंथन

GPDP Training Camp : कहलगांव प्रखंड में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) 2026-27 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है. इसी कड़ी में शुक्रवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों को विकास योजनाओं के निर्माण, समन्वय और क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई. प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर योजनाबद्ध और समावेशी विकास को सुनिश्चित करना बताया गया.

By MANISH KUMAR | June 12, 2026 3:02 PM

कहलगांव, भागलपुर से रिपोर्ट

Bhagalpur News : कहलगांव प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित मनरेगा भवन में शुक्रवार को ग्राम पंचायत विकास योजना 2026-27 के सफल संचालन के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में विभिन्न विभागों के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों, पंचायत सचिवों, कार्यपालक सहायकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को योजना की तकनीकी बारीकियों और विभागीय समन्वय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गयी.

विकास योजनाओं की तकनीकी जानकारी पर दिया गया जोर

प्रशिक्षण शिविर में मनरेगा, जीविका, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, सहकारिता, आपूर्ति और आंगनबाड़ी विभागों से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को ग्राम पंचायत विकास योजना की प्रक्रिया से अवगत कराया गया. विशेषज्ञों ने बताया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है. प्रशिक्षण में योजना निर्माण के तकनीकी पहलुओं पर विशेष चर्चा की गई.

पंचायतों के समग्र विकास का है उद्देश्य

प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अमित राज ने बताया कि जीपीडीपी का मुख्य उद्देश्य पंचायतों के लिए ऐसी विकास योजनाएं तैयार करना है, जो स्थानीय जरूरतों और जनहित को ध्यान में रखकर बनाई जाएं. उन्होंने कहा कि समावेशी विकास की अवधारणा के तहत पंचायतों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, सामाजिक विकास और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जाएगी.

दूसरे चरण में जनप्रतिनिधियों को मिलेगा प्रशिक्षण

अमित राज ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रखंड की सभी पंचायतों के मुखिया, उपमुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा. उन्हें विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया, प्राथमिकताओं के निर्धारण और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी. इससे पंचायत स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी.