bhagalpur news. सरकारी क्वार्टर खाली करने के लिए शिक्षक को जारी किया अंतिम पत्र

टीएमबीयू प्रशासन अब सरकारी क्वार्टर में सालों से जमे विवि कर्मियों के प्रति सख्त होता दिख रहा है

By ATUL KUMAR | May 15, 2026 12:55 AM

टीएमबीयू प्रशासन अब सरकारी क्वार्टर में सालों से जमे विवि कर्मियों के प्रति सख्त होता दिख रहा है. सरकारी क्वार्टर खाली नहीं करने पर जिला प्रशासन के स्तर से कार्रवाई व प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है. इसी कड़ी में टीएमबीयू के 24 परगना स्थित सरकारी क्वार्टर में सालों से जमे शिक्षक डॉ प्रमोद कुमार को आवास छोड़ने व बकाया किराया जमा करने के लिए टीएमबीयू प्रशासन ने अंतिम स्मार पत्र भेजा है.

प्रॉक्टर डॉ मुकेश कुमार सिंह ने पत्र में कहा कि नियम के अनुसार आपको आवास खाली करना था. इस संबंध में तीन से ज्यादा पत्र भेज कर सूचित किया था. सरकारी क्वार्टर का बकाया किराया अप्रैल तक एक लाख 44 हजार 160 रुपया विवि के कोष में जमा कराये. पत्र में कहा गया कि 20 मई तक बकाया किराया हरहाल में विवि में जमा करा दें.

प्रॉक्टर ने कहा कि विवि के निदेश का पालन नहीं करने पर विवि प्रशासन अनुशासनात्मक व विधि समंत कार्रवाई की जायेगी. साथ ही जिला प्रशासन के सहयोग से आवास खाली कराया जायेगा. प्रॉक्टर ने पत्र में कहा कि पत्र को अंतिम चेतावनी समझा जाये.

तीन कर्मियों व दो आश्रितों को खाली करने की चेतावनी

विवि के प्रॉक्टर ने पांच और कर्मियों को सरकारी क्वार्टर खाली करने की चेतावनी दी है. इसे लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारी शंभुनाथ सिंह, संजय कुमार, नवीन चंद्र झा, स्वर्गीय उदय शंकर प्रसाद के आश्रित व स्वर्गीय भोला पंडित के आश्रितों को भी पत्र भेजा गया है. उनलोगों से कहा गया कि 20 मई तक हरहाल में सरकारी क्वार्टर खाली कर दें. पत्र में कहा कि विवि में कार्यरत सेवानिवृत कर्मियों के निधन हाेने की अवधि छह माह से अधिक हो गयी है. वहीं, सेवानिवृत्त होने से भी छह माह से ज्यादा समय बीत चुका है. ऐसे में नियमानुसार सरकारी क्वार्टर छह माह बाद ही सरकारी क्वार्टर खाली होता है. निर्धारित तिथि तक सरकारी क्वार्टर खाली कर प्रॉक्टर कार्यालय को सूचित करे.

कोट –

विवि का सरकारी क्वार्टर खाली करने के लिए संबंधित लोगों को पत्र भेजा गया है. इसके बाद भी खाली नहीं करते है, तो कानूनी कार्रवाई की जायेगी. जिला प्रशासन के सहयोग से सख्ती के साथ क्वार्टर खाली कराया जायेगा.

डॉ मुकेश कुमार सिंह, प्रॉक्टर