bhagalpur news. कजरैली में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले नेटवर्क का खुलासा, एक गिरफ्तार

भागलपुर में साइबर अपराध की जांच के दौरान पटना से मिले डिजिटल इनपुट के आधार पर कजरैली इलाके में चल रहे फर्जी दस्तावेज नेटवर्क का खुलासा हुआ है

By ATUL KUMAR | May 14, 2026 12:56 AM

भागलपुर में साइबर अपराध की जांच के दौरान पटना से मिले डिजिटल इनपुट के आधार पर कजरैली इलाके में चल रहे फर्जी दस्तावेज नेटवर्क का खुलासा हुआ है. कार्रवाई करते हुए साइबर थाना की टीम ने कुमरथ निवासी प्रदीप साह को गिरफ्तार किया है. मामले में गांव के ही मो अरवाज का नाम भी सामने आया है. पुलिस के अनुसार दोनों युवक साइबर कैफे और ऑनलाइन सेवा केंद्र की आड़ में फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार करने का काम करते थे. जांच में पता चला है कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों में डिजिटल बदलाव कर उन्हें असली जैसा बनाया जाता था. इसके लिए स्कैन कॉपी, एडिटिंग सॉफ्टवेयर और संदिग्ध वेबसाइटों का इस्तेमाल किया जा रहा था. छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किया है. शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल बैंक खाते खोलने, सिम कार्ड लेने और सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से लाभ उठाने में किया गया हो सकता है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संबंध किन जिलों और राज्यों तक फैला हुआ है. मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है.

एनसीसी के अधिकारी से 82 हजार रुपये की साइबर ठगी

भागलपुर – साइबर ठगों ने बरारी में रहने वाले एनसीसी के अधिकारी देहरादून निवासी नरेंश चंद्र के खाते से 82 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली है. नरेश चंद्र ने मामले की प्राथमिकी बरारी थाने में दर्ज करायी है. पुलिस मामले की छानबीन करने में जुट गयी है. नरेश चंद्र ने पुलिस को बताया कि हर्बल लाइफ का पैकेज लेने के लिए उन्होंने इंटरनेट पर दूरभाष नंबर सर्च किया. नंबर मिलते ही उसने पैकेज लेने के लिए संपर्क किया. संपर्क करने के बाद दस रुपये का रिचार्ज कराने को कहा गया. दस रुपये का रिचार्ज करते ही मोबाइल हैक हो गया. उन्हें लगा कि शायद वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो रहे हैं, इसके बाद मोबाइल को बंद कर दिया, लेकिन मोबाइल बंद नहीं हुआ. कुछ देर में ही खाते से दो किस्तों में 82 हजार रुपये की अवैध निकासी हो गयी.