भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट
Bhagalpur Court: भागलपुर व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सुरेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने ललमटिया थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी मनोज मंडल उर्फ खंतर मंडल की गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी अरुण मंडल को छह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 304(2) के तहत दोषसिद्धि करते हुए 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
नाव पर विवाद के दौरान हुआ था हमला
अभियोजन के अनुसार 27 मार्च 2024 को मनोज मंडल अपने बासा की ओर नाव से जा रहे थे. उसी नाव पर गांव का अरुण मंडल भी सवार था. यात्रा के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. इसी दौरान अरुण मंडल ने नाव पर मौजूद डंडे से मनोज मंडल पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
इलाज के दौरान अगले दिन हुई मौत
घटना के बाद नाविक ने नाव किनारे लगाई और परिजनों को सूचना दी. घायल मनोज मंडल को इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज में भर्ती कराया गया, जहां 28 मार्च 2024 की शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
बेटे की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में मृतक के पुत्र नीतीश कुमार ने नाथनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां अभियोजन पक्ष की ओर से कुल नौ गवाहों की गवाही कराई गई. सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक ओमप्रकाश तिवारी ने पक्ष रखा.
दोषसिद्धि के बाद सुनाई गई सजा
अदालत ने 2 जुलाई 2026 को अरुण मंडल को दोषी करार दिया था. इसके बाद सुनवाई पूरी होने पर न्यायालय ने दोषी को छह वर्ष की सश्रम कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. अदालत के फैसले के साथ करीब दो वर्ष पुराने इस चर्चित मामले का न्यायिक पटाक्षेप हो गया.
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