मोबाइल से दूरी, रोज 7 घंटे पढ़ाई, राज्य टॉपर आदित्य प्रकाश अमन ने बताए सफलता के मंत्र
Bihar Board Topper 2026: बिहार बोर्ड इंटर 2026 के साइंस राज्य टॉपर आदित्य प्रकाश अमन ने कहलगांव के पीएमश्री विद्यालय में छात्रों से संवाद किया. जानिए उन्होंने सफलता का क्या फॉर्मूला बताया और भारतीय ज्ञान परंपरा पर क्या कहा.
कहलगांव(भागलपुर) से रिपोर्ट
Bihar Board Topper 2026: बिहार बोर्ड इंटर 2026 की परीक्षा में विज्ञान संकाय के राज्य टॉपर बने आदित्य प्रकाश अमन जब कहलगांव के एक सरकारी स्कूल पहुंचे तो छात्र सिर्फ उन्हें देखने नहीं, बल्कि उनकी सफलता का राज जानने के लिए उत्सुक थे. मंच पर पहुंचते ही आदित्य ने ऐसी बातें साझा कीं, जो सिर्फ परीक्षा में अच्छे अंक लाने तक सीमित नहीं थीं. उन्होंने अनुशासन, समय प्रबंधन, स्वाध्याय और भारतीय ज्ञान परंपरा पर खुलकर बात की. साथ ही यह भी बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता कैसे हासिल की जा सकती है.
सरकारी स्कूल में पहुंचे राज्य टॉपर, छात्रों के सवालों का दिया जवाब
भागलपुर के कहलगांव स्थित प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुण्यभूमि अंतीचक में स्थित पीएमश्री घोल्टन मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रभारी मदन मोहन पाठक ने की.
इस दौरान बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट 2026 परीक्षा में विज्ञान संकाय के राज्य टॉपर आदित्य प्रकाश अमन ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया. उन्होंने अपनी तैयारी, पढ़ाई की रणनीति और सफलता के अनुभव साझा किए. छात्रों ने भी उनसे परीक्षा की तैयारी, समय प्रबंधन और तनाव से निपटने जैसे विषयों पर सवाल पूछे.
Bihar Board Topper 2026: ‘मोबाइल से दूरी बनाई, रोज 6 से 7 घंटे स्वाध्याय किया’
आदित्य ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाई. प्रतिदिन 6 से 7 घंटे स्वाध्याय किया और जिन विषयों में कमजोरी महसूस हुई, उन पर सबसे अधिक मेहनत की.
उन्होंने कहा कि नियमित रिवीजन उनकी तैयारी का सबसे अहम हिस्सा था. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने से न सिर्फ परीक्षा का पैटर्न समझ में आया, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा.
उनका मानना है कि लगातार अभ्यास ही अच्छे प्रदर्शन की सबसे मजबूत नींव तैयार करता है.
सिर्फ पढ़ाई नहीं, खेल और नींद को भी बताया जरूरी
राज्य टॉपर ने छात्रों को सलाह दी कि परीक्षा की तैयारी के दौरान सिर्फ किताबों में डूबे रहना पर्याप्त नहीं है. पढ़ाई के साथ खेलकूद और पर्याप्त नींद भी जरूरी है. इससे मानसिक तनाव कम होता है और पढ़ाई में एकाग्रता बनी रहती है.
उन्होंने विद्यार्थियों से उत्तर लिखने की शैली सुधारने, साफ और शुद्ध भाषा में लिखने तथा समय का बेहतर उपयोग करने की भी अपील की.
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भारतीय ज्ञान परंपरा पर भी रखे अपने विचार
संवाद के दौरान आदित्य ने भारत की प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि सुश्रुत संहिता और चरक संहिता चिकित्सा विज्ञान में भारत की महत्वपूर्ण धरोहर हैं. उन्होंने महर्षि कणाद के परमाणु सिद्धांत और वेद, पुराण तथा उपनिषदों में पर्यावरण संरक्षण के उल्लेख का भी जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति और विरासत से जुड़ने की जरूरत है. उनका मानना है कि भारतीय वैज्ञानिक विश्वभर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं और युवाओं को भी अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ना चाहिए.
विद्यालय ने की नई पहल की घोषणा
विद्यालय प्रभारी मदन मोहन पाठक ने कहा कि आदित्य की उपलब्धि सरकारी विद्यालयों के छात्रों के लिए प्रेरणा है. उन्होंने घोषणा की कि मेधावी विद्यार्थियों के बेहतर मार्गदर्शन के लिए विद्यालय में अब हर सप्ताह करियर काउंसलिंग सत्र और मॉक टेस्ट आयोजित किए जाएंगे.
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए प्रोत्साहित करना है.
कार्यक्रम में शिक्षक मनीष कुमार गोस्वामी, राहुल राणा, हिमांशु आर्य, आभा कुमारी, संगीता कुमारी, अर्चना कुमारी, विकास कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
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