भोलानाथ आरओबी को दूसरी बार मिला टाइम एक्सटेंशन, अब 30 जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
Bhagalpur ROB Delay: 86 करोड़ की लागत वाला भोलानाथ रेलवे ओवरब्रिज तय समय पर नहीं बन सका. दूसरी बार डेडलाइन बढ़ाई गई, लेकिन मौजूदा रफ्तार को देखते हुए 2027 की समय-सीमा पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं.
भागलपुर से ब्रजेश माधुर्य की रिपोर्ट
Bhagalpur ROB Delay: भागलपुर शहर के बहुप्रतीक्षित भोलानाथ रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य लगातार देरी का शिकार हो रहा है. पहले मिले समय विस्तार के बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी, जिसके बाद निर्माण एजेंसी को दूसरी बार समय विस्तार देते हुए नई डेडलाइन 30 जून 2027 तय की गई है. हालांकि मौजूदा प्रगति को देखते हुए इस समय-सीमा के भीतर भी परियोजना के पूरा होने की संभावना कम दिखाई दे रही है.
Bhagalpur ROB Delay: रेलवे की मंजूरी नहीं मिलने से अटका काम
आरओबी निर्माण की रफ्तार धीमी रहने का एक बड़ा कारण रेलवे क्षेत्र में प्रस्तावित लॉन्चिंग स्कीम को अब तक मंजूरी नहीं मिलना है. रेलवे की स्वीकृति के अभाव में कई महत्वपूर्ण कार्य आगे नहीं बढ़ पाए हैं, जिससे पूरी परियोजना प्रभावित हो रही है.
सुपर स्ट्रक्चर का केवल 55 प्रतिशत कार्य पूरा
परियोजना के तहत सुपर स्ट्रक्चर का निर्माण अब तक केवल 55 प्रतिशत ही पूरा हो सका है. वहीं सब स्ट्रक्चर का काम 76 प्रतिशत और फाउंडेशन का कार्य 96 प्रतिशत तक पहुंच पाया है. कई महत्वपूर्ण हिस्सों में काम अधूरा रहने के कारण निर्माण की समय-सीमा लगातार बढ़ती जा रही है.
अप्रोच रोड निर्माण पर अभी तक नहीं बनी योजना
भोलानाथ आरओबी से जुड़ी अप्रोच रोड के निर्माण को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है. फिलहाल इसके निर्माण की कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है. अधिकारियों का कहना है कि ओवरब्रिज का मुख्य निर्माण पूरा होने के बाद ही अप्रोच रोड पर काम शुरू किया जाएगा.
2025 में पूरा होना था प्रोजेक्ट
करीब दो वर्षों की अवधि में इस परियोजना को 11 जून 2025 तक पूरा किया जाना था. निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद एक बार समय विस्तार दिया गया, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया. अब दूसरी बार अवधि बढ़ाकर 30 जून 2027 कर दी गई है.
2023 से परेशान हैं भीखनपुर और शीतला स्थान के लोग
आरओबी निर्माण में देरी का सबसे ज्यादा असर भीखनपुर से शीतला स्थान चौक तक रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है. वर्ष 2023 से क्षेत्र के लोग रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी झेल रहे हैं. निर्माण कार्य के कारण कई रास्ते बाधित हैं और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है.
लोहिया पुल पर बढ़ा ट्रैफिक का दबाव
आरओबी निर्माण अधूरा रहने के कारण शहर का यातायात दबाव लोहिया पुल पर बढ़ गया है. रिक्शाडीह से कोयला डिपो में बस स्टैंड शिफ्ट होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है. पुल पर दिनभर जाम की समस्या बनी रहती है और सामान्य दिनों में दो मिनट का सफर तय करने में लोगों को 30 से 45 मिनट तक लग रहे हैं.
बसों की अव्यवस्था से और बढ़ रही परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार कई बस चालक यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के लिए पुल पर ही बसें खड़ी कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है. लोगों का कहना है कि आरओबी का निर्माण जल्द पूरा होने के बाद ही शहर को ट्रैफिक समस्या से राहत मिल सकेगी.
भोलानाथ आरओबी : अब तक की प्रगति
| कार्य | प्रगति |
|---|---|
| कुल परियोजना लागत | 86.17 करोड़ रुपये |
| फाउंडेशन कार्य | 96 प्रतिशत |
| सब स्ट्रक्चर | 76 प्रतिशत |
| सुपर स्ट्रक्चर | 55 प्रतिशत |
| अप्रोच रोड निर्माण | 0 प्रतिशत |
| अब तक भुगतान राशि | 35.54 करोड़ रुपये |
लोगों की उम्मीदें फिर बढ़ीं, लेकिन सवाल भी बरकरार
शहरवासियों को उम्मीद है कि नई समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा होगा और वर्षों से चली आ रही यातायात समस्या से राहत मिलेगी. हालांकि वर्तमान कार्य प्रगति को देखते हुए लोगों के मन में यह सवाल भी है कि क्या 30 जून 2027 की नई डेडलाइन भी पूरी हो पाएगी.
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