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Home बिहार भागलपुर बरारी मोक्षधाम की फाइलें डंप: 10 करोड़ का पूरा फंड मिलने के 6 महीने बाद भी निर्माण अधूरा

बरारी मोक्षधाम की फाइलें डंप: 10 करोड़ का पूरा फंड मिलने के 6 महीने बाद भी निर्माण अधूरा

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बरारी मोक्षधाम की फाइलें डंप: 10 करोड़ का पूरा फंड मिलने के 6 महीने बाद भी निर्माण अधूरा
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भागलपुर से ब्रजेश की रिपोर्ट

Barari Mokshdham Project: भागलपुर शहर के बरारी गंगा तट पर आम नागरिकों को अंतिम संस्कार के समय सुलभ और आधुनिक सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाई जा रही ₹10 करोड़ की महत्वाकांक्षी ‘शवदाह गृह एवं मोक्षधाम’ परियोजना विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ गई है. नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा परियोजना की शत-प्रतिशत स्वीकृत राशि महीनों पहले जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है. काम पूरा न होने के कारण निर्माण एजेंसी ने इसे अब तक भागलपुर नगर निगम को हैंडओवर (सुपुर्द) नहीं किया है. पूरी राशि डंप रहने और काम की रफ्तार सुस्त होने के कारण अब इस प्रोजेक्ट की कुल उपयोगिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

जनवरी 2026 में ही जारी हो गया था ₹6.75 करोड़ का फाइनल फंड; कोई देनदारी बाकी नहीं

  • फंडिंग का ब्यौरा: नगर विकास विभाग ने इस मोक्षधाम परियोजना को गति देने के लिए शुरुआती चरण में ₹3.29 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई थी. इसके बाद इसी वर्ष जनवरी 2026 में विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बकाया शेष ₹6.75 करोड़ की भारी-भरकम राशि भी एकमुश्त (लम्पसम) जारी कर दी थी.
  • वित्तीय स्थिति: चालू वर्ष के जनवरी महीने में ही पूरी राशि का भुगतान हो जाने के बाद राज्य सरकार या विभाग के स्तर पर इस योजना को लेकर अब एक भी रुपए की वित्तीय देनदारी शेष नहीं बची है. इसके बावजूद ठेकेदार और संबंधित एजेंसी पिछले ६ महीनों से काम को लटकाए हुए हैं.
  • अधिकारियों की चुप्पी: हैरानी की बात यह है कि शत-प्रतिशत राशि की निकासी के छह महीने बीत जाने के बाद भी न तो निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी ‘बुडको’ (BUDCO) के आला अधिकारियों ने इस पर सुध ली है और न ही नगर निगम प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने के लिए कोई कड़ा नोटिस जारी किया गया है.

Barari Mokshdham Project: पुराना विद्युत शवदाह गृह बार-बार हो रहा बंद, अंतिम संस्कार में भारी फजीहत

मोक्षधाम के निर्माण में हो रही इस आपराधिक देरी का सीधा खामियाजा उन शोकाकुल परिजनों को भुगतना पड़ रहा है, जो अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए बरारी घाट पहुंचते हैं.

स्थानीय लोगों और पार्षदों का कहना है कि बरारी घाट स्थित पुराना पारंपरिक विद्युत शवदाह गृह तकनीकी खराबी और मेंटेनेंस के अभाव में आए दिन बंद रहता है. ऐसी स्थिति में यदि यह नया अत्याधुनिक मोक्षधाम परिसर बनकर तैयार हो गया होता, तो लोगों के पास एक बेहतरीन और सुविधायुक्त वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद रहती, जिससे दाह संस्कार के दौरान होने वाली असुविधा और लंबी कतारों की समस्या काफी हद तक कम हो जाती. लेकिन वर्तमान में लोगों को भारी बारिश और अव्यवस्था के बीच खुले आसमान के नीचे पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार करने को मजबूर होना पड़ रहा है.

परिवहन और नागरिक सुविधाओं के दावों के बीच बरारी मोक्षधाम का इस कदर अधूरा रहना भागलपुर के शहरी विकास के दावों की पोल खोलता है. बुद्धिजीवियों ने प्रमंडलीय आयुक्त से मांग की है कि इस मामले में बुडको के संबंधित कनीय व कार्यपालक अभियंताओं के खिलाफ वित्तीय शिथिलता बरतने के आरोप में स्पष्टीकरण मांगा जाए और अगले एक महीने के भीतर इस पावन परिसर को पूरी तरह चालू कर नगर निगम के सुपुर्द किया जाए ताकि आम जनता को इस नरक भोगने से मुक्ति मिल सके.

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