bhagalpur news. नकली ट्रेडिंग एप्लीकेशन जीटीएससी के जरिए 24.2 लाख ठगी का आरोप

नकली ट्रेडिंग एप्लीकेशन के जरिए साइबर ठगी का मामला सामने आया है

By ATUL KUMAR | February 14, 2026 1:22 AM

नकली ट्रेडिंग एप्लीकेशन के जरिए साइबर ठगी का मामला सामने आया है. बिहपुर निवासी सूरज कुमार ने साइबर थाना में आवेदन देकर 24.2 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है. बताया कि वह ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जीटीएससी एप्लीकेशन के माध्यम से साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए. पीड़ित के अनुसार, उन्होंने 16 दिसंबर 2025 से छह जनवरी 2026 के बीच कुल नौ बार भुगतान किया, जिसमें उन्हें कुल 24.2 लाख रुपये का नुकसान हुआ. इस दौरान चार लेन-देन में करीब 30 हजार रुपये निकासी भी की गयी. बताया कि तीन जनवरी तक कुल 9.5 लाख रुपये निवेश किए गए थे. इसके बाद ग्रुप एडमिन डॉ अनिल गोयल ने उन्हें आइपीओ में निवेश करने के लिए कहा. आइपीओ आवेदन के बाद उन्हें 14.7 लाख रुपये का एक्सेस आइपीओ दिखाया गया, जिसके भुगतान के लिए छह जनवरी को राशि जमा कराई गयी. पीड़ित ने बताया कि सात जनवरी को आइपीओ बेचने का प्रयास करने पर फिर से 41 लाख रुपये का भुगतान लंबित दिखाया गया, जिसे जमा करना उनके लिए संभव नहीं था. इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और नौ जनवरी को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गयी. बताया कि प्रारंभ में केवल 3.2 लाख रुपये की शिकायत दर्ज हुई, जिसके बाद 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने पर शेष राशि के लिए अलग से शिकायत करने की सलाह दी गयी.

बताया कि वह एक लिंक के माध्यम से व्हाट्सएप ग्रुप ‘बुल स्टॉक वेल्थ ग्रुप जी9’ से जुड़े थे, जो उन्हें ‘अड्डा 247 एक्स-सर्विसमैन बैंकिंग एग्जामिनेशन ग्रुप’ में मिला था. इस ग्रुप में डॉ अनिल गोयल खुद को जेपी मोर्गन का फंड मैनेजर बताते थे और ओम्मी सलमा को एप्लिकेशन की संचालक बताया गया था. ग्रुप में यह भी दावा किया कि जीटीएससी भारत में सेबी तथा अमेरिका में सेक से पंजीकृत है. पीड़ित के अनुसार, ओम्मी सलमा द्वारा दिए गए बैंक खातों में ही भुगतान कराया गया और बाद में एप्लिकेशन के वॉलेट में राशि अपडेट दिखाई जाती थी. बताया कि उन्होंने केवल दो बैंक खातों में ही राशि ट्रांसफर की है. सूरज ने साइबर थाना से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा ठगी गयी राशि वापस दिलाने की मांग की है. नवगछिया साइबर थाना में पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.