Begusarai News : बूढ़ी गंडक नदी के किनारे स्थित मेहदा शाहपुर पंचायत आज विकास, स्वच्छता और प्राकृतिक सौंदर्य का नया उदाहरण बनकर उभरी है. कुछ वर्ष पहले तक जहां शाम ढलते ही अंधेरा और सन्नाटा पसरा रहता था. वहीं आज आधुनिक लाइटिंग, हरियाली और आकर्षक वातावरण से सजा मॉडल इको पार्क लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है. यह पार्क अब सिर्फ स्थानीय लोगों की पसंद नहीं, बल्कि पूरे बेगूसराय और प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है.
हरियाली, आधुनिक लाइटिंग और स्वच्छ परिसर ने इको पार्क को बनाया लोगों की पहली पसंद
इस बदलाव के पीछे पंचायत की मुखिया काजल कुमारी और उनके प्रतिनिधि अभिषेक सिंह उर्फ बमबम सिंह की पहल और विकासोन्मुखी सोच को प्रमुख कारण माना जा रहा है. उनकी पहल पर बूढ़ी गंडक नदी के किनारे विकसित इस पार्क ने पंचायत की पहचान को नई ऊंचाई दी है. पार्क में खूबसूरत हरियाली, आकर्षक लाइटिंग, बैठने की आधुनिक व्यवस्था, साफ-सुथरा परिसर और प्राकृतिक वातावरण का ऐसा समन्वय किया गया है कि सुबह की सैर से लेकर शाम की सुकूनभरी सैर तक यहां लोगों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है.
रात की रोशनी में निखरता इको पार्क, सेल्फी और फोटोग्राफी का बना नया स्पॉट
रात के समय रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता यह इको पार्क किसी पर्यटन स्थल का एहसास कराता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यह इलाका उपेक्षित था, लेकिन आज यह पूरे पंचायत की नई पहचान बन चुका है. आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी लोग यहां घूमने और तस्वीरें लेने पहुंच रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी पार्क की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं.
गांव में भी शहर जैसी सुविधाएं, मेहदा शाहपुर ने पेश की विकास की नई मिसाल
ग्रामीण विकास की यह पहल साबित करती है कि यदि जनप्रतिनिधियों की सोच सकारात्मक हो और योजनाओं को ईमानदारी से धरातल पर उतारा जाए, तो गांवों में भी शहरों जैसी सुविधाएं और आकर्षक पर्यटन स्थल विकसित किए जा सकते हैं. मेहदा शाहपुर पंचायत का यह मॉडल इको पार्क अब विकास और जनभागीदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभर रहा है.
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