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Home बिहार बांका भीषण गर्मी: अब रातें भी बन रहीं जानलेवा, हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा

भीषण गर्मी: अब रातें भी बन रहीं जानलेवा, हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा

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भीषण गर्मी: अब रातें भी बन रहीं जानलेवा, हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा

पंजवारा बांका से गौरव कश्यप की रिपोर्ट :

पंजवारा भीषण गर्मी का असर अब केवल दिन तक सीमित नहीं रह गया है. बढ़ते तापमान के कारण रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है.स्थिति यह है कि एसी और कूलर चलने के बावजूद शरीर का आंतरिक तापमान सामान्य नहीं हो पा रहा है. ऐसे में हीट स्ट्रोक (लू) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. घर के अंदर रहने वाले लोगों के साथ-साथ किचन में काम करने वाली महिलाओं और शारीरिक श्रम करने वाले लोगों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ रहा है.

अत्यधिक गर्मी से शरीर का तापमान नियंत्रित रखना कठिन

अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंजवारा के चिकित्सक डॉ दिनेश कुमार ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर का तापमान नियंत्रित रखना कठिन हो गया है. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते लोग सावधानी नहीं बरतेंगे तो हीट स्ट्रोक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है.शरीर का तापमान लंबे समय तक अधिक बने रहने से मस्तिष्क, हृदय और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं.

हीट स्ट्रोक गर्मी से जुड़ी सबसे गंभीर स्थिति

डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि हीट स्ट्रोक गर्मी से जुड़ी सबसे गंभीर स्थिति है. जब शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट या उससे अधिक हो जाता है और शरीर स्वयं को ठंडा नहीं कर पाता, तब यह स्थिति उत्पन्न होती है.समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है. उन्होंने कहा कि लगातार पड़ रही हीट वेव के कारण रात में भी शरीर को पर्याप्त ठंडक नहीं मिल पा रही है. इससे अगले दिन हीट स्ट्रोक का खतरा और बढ़ जाता है. शरीर दिनभर की गर्मी और थकान से उबर नहीं पाता, जिससे कमजोरी, चक्कर और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय

डॉ. दिनेश कुमार ने लोगों से पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि बाहर से आने के तुरंत बाद अत्यधिक ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए. कमरों में हवा के उचित आवागमन की व्यवस्था रखें तथा बंद और घुटन वाले स्थानों में लंबे समय तक न रहें. साथ ही शारीरिक श्रम के दौरान बीच-बीच में आराम करें और पर्याप्त नींद लें. उन्होंने कहा कि सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर उपाय है. गर्मी से संबंधित किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें.

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