[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home बिहार बांका जिले में बढ़ने लगा डेंगू, 05 मरीज का होम आइसोलेशन में चल रहा इलाज

जिले में बढ़ने लगा डेंगू, 05 मरीज का होम आइसोलेशन में चल रहा इलाज

0
जिले में बढ़ने लगा डेंगू, 05 मरीज का होम आइसोलेशन में चल रहा इलाज

– आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए डॉक्टर की टीम का किया गया गठन सुपौल बीते एक माह से सूबे में लगातार बढ़ रहे डेंगू से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. डेंगू के लगातार बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में दिखाई दे रही है. जिले में अब तक कुल 05 डेंगू के मरीज पाये गये जिनका होम आइसोलेशन में ही इलाज चल रहा है. सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर ने बताया कि सूबे में जिस प्रकार से डेंगू के केस बढ़ रहे हैं, उसके मुकाबले सुपौल जिला में डेंगू के मरीजों की संख्या काफी कम है. बताया कि अभी तक जिले में कुल 05 मरीज मिले हैं. वैसे आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए डॉक्टर की टीम का भी गठन किया गया है. वहीं डेंगू पीड़ित मरीजों से प्रतिदिन डॉक्टरों की टीम टेलिमेडिसीन के माध्यम से मॉनेटरिंग करते रहते हैं. जरूरत पड़ने पर टीम घर जाकर मरीजों की जांच पड़ताल भी करते हैं. डेंगू जैसे गंभीर बीमारियों के लिये सीबीसी जांच जरूरी होता है. सदर अस्पताल में चार सीबीसी मशीन है. सीएस ने कहा कि जिले में पूर्ण रूपेण दवा उपलब्ध है. जहां भी डेंगू के संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं उस क्षेत्र में लार्वी साइडल का छिड़काव किया जा रहा है. डेंगू मरीजों के लिए जिले में लगाये गये 42 बेड : सिविल सर्जन सीएस डॉ ठाकुर ने बताया कि सदर अस्पताल में डेंगू वार्ड में 10 बेड लगाये गये हैं. जबकि डेंगू मरीजों के लिए जिले भर में कुल 42 बेड उपलब्ध है. बताया कि जिस क्षेत्र में डेंगू के मरीज मिलते हैं, वहां पर लार्वी साइडल का छिड़काव किया जाता है. साथ ही वहां फॉगिंग भी कराया जाता है. बताया कि डेंगू के संदिग्ध मरीजों की पहले एंटिजन कीट के माध्यम से जांच की जाती है. जिसमें डेंगू के लक्षण पाये जाने पर एलिसा टेस्ट कराया जाता है. एलिसा टेस्ट में डेंगू पॉजिटिव पाये जाने पर ही मरीज की पुष्टि होती है. बताया कि डेंगू संक्रमित मादा एडिज मच्छर के काटने से फैलता है. किसी संक्रमित रोगी को काटने के उपरांत मच्छर भी संक्रमित हो जाता है. एक बार संक्रमित होने के पश्चात मादा एडिज मच्छर जीवन भर संक्रमित रहती है. गली मोहल्ला में किया जा रहा फॉगिंग डेंगू से बचाव को लेकर जहां स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक कर रही है. वहीं नगर परिषद के द्वारा भी लोगों को डेंगू जैसे महामारी से बचाव को लेकर शहर के गली-मुहल्लों में फॉगिंग व शहर के सभी नालों में भी दवा का छिड़काव किया जाता है. ,

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel