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Home बिहार बांका मानसून की बेरुखी से सूख रहे धान के बिचड़े, बारिश नहीं हुई तो खेती पर गहराएगा संकट

मानसून की बेरुखी से सूख रहे धान के बिचड़े, बारिश नहीं हुई तो खेती पर गहराएगा संकट

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मानसून की बेरुखी से सूख रहे धान के बिचड़े, बारिश नहीं हुई तो खेती पर गहराएगा संकट
धान का सुखा बिचड़ा

पंजवारा (बांका) से गौरव कश्यप की रिपोर्ट

Banka News : बांका जिले के पंजवारा क्षेत्र में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. पर्याप्त बारिश नहीं होने से धान की खेती पर संकट गहराने लगा है. खेतों में नमी की कमी के कारण किसान धान का बिचड़ा तैयार करने और बुआई शुरू करने से हिचक रहे हैं. यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो इस वर्ष धान उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.

सूखे खेतों में धान की खेती मुश्किल

किसानों का कहना है कि धान की नर्सरी तैयार करने का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है, लेकिन बारिश नहीं होने से खेत पूरी तरह सूखे पड़े हैं. कई स्थानों पर मिट्टी में दरारें पड़ने लगी हैं. ऐसे हालात में यदि बिचड़ा तैयार भी किया जाता है तो उसके सूख जाने का खतरा बना रहता है.

हल्की बारिश के बाद तेज धूप बिगाड़ रही हालात

ग्रामीणों के अनुसार बीच-बीच में हल्की बारिश होने से किसानों को राहत की उम्मीद जरूर मिलती है, लेकिन अगले ही दिन तेज धूप निकलने से खेतों की पूरी नमी खत्म हो जाती है. इससे खेती का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है और किसान मौसम की बेरुखी से परेशान हैं.

नहरों में पानी नहीं, सिंचाई व्यवस्था भी ठप

किसानों ने बताया कि क्षेत्र की नहरों में भी पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. सिंचाई के वैकल्पिक साधन नहीं होने से खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर हो गई है. कई किसान अब तक खेतों में धान की बुआई शुरू नहीं कर सके हैं. इससे खेती का पूरा कैलेंडर प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है.

किसानों ने सरकार से की त्वरित पहल की मांग

Banka News : स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की बुआई में काफी देरी हो जाएगी, जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा. किसानों ने सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने, नहरों में जल्द पानी छोड़ने और खेती के लिए आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि खरीफ फसल को नुकसान से बचाया जा सके.

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